पहले बत्तखें और अब कौवे मरने लगे हैं। पक्षियों की जान आफत में पड़ी है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में हड़कंप मचा हुआ है।
विज्ञापन
पहले बत्तखें और अब मरने लगे कौवे, तस्वीरें
2 of 6
इसके साथ ही लोगों के स्वास्थ्य को भी खतरा बन गया है। हालांकि, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए है, लेकिन पक्षियों का इस तरह मरना हैरतंगेज है।
विज्ञापन
पहले बत्तखें और अब मरने लगे कौवे, तस्वीरें
3 of 6
पहले पिंजौर में कौशल्या डैम से एक किलोमीटर दूर दोल घाटी के पास करीब दो दर्जन कौओं की मौत हुई और अब पंजाब के तरनतारण में 300 कौवों की मौत की खबर है।
पहले बत्तखें और अब मरने लगे कौवे, तस्वीरें
4 of 6
पहले तो वाइल्ड लाइफ के कर्मचारियों ने मरे मिले दो दर्जन कौवों को जमीन में दबा दिया था। अब उच्च अधिकारियों के आदेश पर रविवार को खुदाई कर कौवों के पांच शव निकाले गए और उनके सैंपल जांच के लिए जालंधर स्थित रीजनल टेस्ट लैबोरेटरी भेज दिए गए।
विज्ञापन
पहले बत्तखें और अब मरने लगे कौवे, तस्वीरें
5 of 6
सुखना लेक में बतख की बर्ड फ्लू की मौत के बाद पक्षियों पर नजर रखी जा रही है। जालंधर से कौवों की रिपोर्ट एक-दो दिन में आने की संभावना है।
पक्षी विशेषज्ञ विभू प्रकाश का कहना है कि कौवों की मौत की कई वजह हो सकती हैं। हो सकता है कि जहरीला पदार्थ खाने से उनकी मौत हुई हो। उन्होंने बताया कि अमेरिका और यूरोप में वेस्ट नील नामक बीमारी की वजह से एक साथ कौए मर जाते हैं। हालांकि बर्ड फ्लू के बारे में उन्होंने कहा कि इसके होने की आशंका अधिकतर बतखों या मुर्गियों में होती है।