केजरीवाल पर जूता फेंकने की घटना में आप कार्यकर्ताओं की लापरवाही भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने से कुछ मिनट पहले युवक ने केजरीवाल को टोका था। उस समय कार्यकर्ताओं ने उसे समझाकर बैठा दिया था।
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केजरीवाल पर फेंका जूता
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों की मानें तो उस समय युवक ने कार्यकर्ताओं से कहा था कि वह तिजोरी पर लगे पीएम के फोटो पर जूता मारना चाहता है, क्योंकि मोदी की वजह से देश लाइन में खड़ा है। इसके लिए वह जूते निकालकर बैठा था। कार्यकर्ताओं ने समझाया तो वह जूता पहनकर बैठ गया, लेकिन जैसे ही कार्यकर्ताओं की नजर हटी तो उसने केजरीवाल की तरफ जूता फेंक दिया। सवाल यह है कि जब कार्यकर्ताओं को युवक के मंसूबे का पता लग चुका था तो उन्होंने उसे मंच के सामने से क्यों नहीं हटाया।
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सीएम की सुरक्षा में सेंध, नहीं मिला प्रोटोकॉल
रोहतक। सीएम अरविंद केजरीवाल पर हुई जूता फेंकने की घटना के बाद रैली में पुलिस-प्रशासन के सुरक्षा बंदोबस्त पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस तरह से मंच के आसपास व्यवस्था दिखाई दी वह सीएम के प्रोटोकॉल के अनुसार नहीं बताई जा रही है। मंच की सुरक्षा चंद पुलिसकर्मियों के हवाले थी। मंच के आसपास कौन जा रहा है उनसे पूछताछ करने वाला कोई नहीं था।
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पूरी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पार्टी कार्यकर्ताओं पर ही थी। इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस-प्रशासन की तरफ से सीएम का प्रोटोकॉल फालो क्यों नहीं किया गया? सीएम का कोई सुरक्षा घेरा नहीं था। पार्टी की टोपी लगाकर कोई भी व्यक्ति अंदर घुस सकता था। इसका फायदा जूता फेंकने वाले युवक ने उठाया। बड़ा सवाल यह है कि यदि कोई बड़ी घटना हो जाती तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होता?
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केजरीवाल ने जनता से कहा कि आप खुद करो भाषण की रिकार्डिंग
केजरीवाल मीडिया से भी खफा नजर आए। मंच पर आते ही सबसे पहले उन्होंने मीडिया पर कमेंट किए। कहा कि मैं आज यहां कहकर कुछ और जाऊंगा और मीडिया उसे दिखाएगा कुछ और। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि मैं आज जो यहां पोल खोलूंगा उसकी रिकार्डिंग के लिए आप मोबाइल बाहर निकाल लो। यहां से जाने के बाद घर-घर जाकर उसे दिखाना कि भाजपा ने क्या किया है। केजरीवाल का इशारा इलेक्ट्रानिक मीडिया की ओर था।
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कैसे पीएम, जिन्होंने 90 साल की मां को ही खड़ा कर दिया कतार में
प्रधानमंत्री मोदी की 90 वर्षीय मां को बैंक कतार में खड़ा करने पर भी केजरीवाल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कैसे पीएम हैं, जिन्होंने चार हजार के लिए अपनी बूढ़ी मां को लाइन में लगा दिया। यदि लाइन में ही लगना था तो पीएम खुद लाइन में लगते। खुद का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि यदि उन्हें इस तरह लाइन में लगना पड़े तो वह खुद खड़े हो जाएंगे, लेकिन परिवार को नहीं लगने देंगे।
इस तरह की घटना किसी के साथ भी ठीक नहीं है। पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है। कभी वह बता रहा है कि तिजोरी पर लगे प्रधानमंत्री के फोटो पर जूता मारना चाह रहा था तो कभी सीएम की तरफ। इसके पीछे युवक की क्या मंशा थी यह पुलिस ही बता सकती है। - नवीन जयहिंद, प्रदेशाध्याक्ष आम आदमी पार्टी