महाशिवरात्रि पर व्रत रखना है और भगवान भोले को खुश करना चाहते हैं तो पूजा करते समय इन नियमों का पालन करें, सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाएंगी।
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Mahashivaratri 2018
13 फरवरी दिन मंगलवार को महाशिवारात्रि व्रत है। शिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण पक्ष में चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस साल मंगलवार की रात 10 बजकर 35 मिनट पर चतुर्दशी तिथि का शुभारंभ होगा। 14 फरवरी की रात 12 बजकर 46 मिनट तक चतुर्दशी रहेगा। इसलिए महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त 13 फरवरी की आधी रात से शुरू होकर 14 फरवरी तक रहेगा।
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lord shiva
रात्रि पहले प्रहर पूजा का समय: शाम 18:05 से 21:20 तक। रात के दूसरा प्रहर में पूजा का समय : रात 21:20 से 00:35 तक। तीसरा प्रहर पूजा का समय = 00:35 से 03:49 तक। चौथा प्रहर पूजा का समय = 03:49 से 07:04 तक
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lord shiva
काले रंग के कपड़े ना पहनें
महाशिवरात्रि का त्योहार शिवभक्तों के लिए बहुत महत्व रखता है। लेकिन भूलवश शिव जी को प्रसन्न के लिए ऐसी कुछ गलतियां कर देते हैं जिससे उनकी पूजा पूरी नहीं हो पाती है। पहली बात, शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को यदि प्रसन्न करना चाहते हैं तो इस दिन काले रंग के कपड़े ना पहनें। कहा जाता है की भगवान शिव को काला रंग पसन्द नहीं है, जिसके कारण इस दिन काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
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lord shiva symol image
ये सभी चीजें भूलकर भी न चढ़ाएं
भगवान शिव को सफेद फूल बहुत पसंद होता है, लेकिन केतकी का फूल सफेद होने के बावजूद भोलेनाथ की पूजा में नहीं चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव की पूजा करते समय शंख से जल अर्पित नहीं करना चाहिए। भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित माना गया है। शिव की पूजा में तिल नहीं चढ़ाया जाता है। तिल भगवान विष्णु के मैल से उत्पन्न हुआ माना जाता है, इसलिए भगवान विष्णु को तिल अर्पित किया जाता है लेकिन शिव जी को नहीं चढ़ता है।
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भगवान भोलेनाथ को ये भी पसंद नहीं
भगवान शिव की पूजा में भूलकर भी टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाया जाना चाहिए। शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए। शिव प्रतिमा पर नारियल चढ़ा सकते हैं, लेकिन नारियल का पानी नहीं। हल्दी और कुमकुम उत्पत्ति के प्रतीक हैं, इसलिए पूजन में इनका प्रयोग नहीं करना चाहिए। बिल्व पत्र के तीनों पत्ते पूरे होने चाहिएं, खंडित पत्र कभी न चढ़ाएं। चावल सफेद रंग के साबुत होने चाहिएं, टूटे हुए चावलों का पूजा में निषेध है। फूल बासी एवं मुरझाए हुए न हों।
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lord shiva statue
महाशिवरात्रि पर ऐसे करें शिव पूजा
महाशिवरात्रि पर शिवपूजा करने के लिए सबसे पहले मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर, ऊपर से बेलपत्र, धतूरे के पुष्प, चावल आदि डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। घर के आस-पास में शिवालय न हो तो शुद्ध गीली मिट्टी से ही शिवलिंग बनाकर भी पूजा की जा सकता है।
जौ, तिल, खीर और बेलपत्र का हवन करके महाशिवरात्रि का व्रत समाप्त करें। सूर्योदय से पहले ही उत्तर-पूर्व में पूजा आरती की तैयारी कर लेनी चाहिए। सूर्योदय के समय पुष्पांजलि और स्तुति कीर्तन के साथ महाशिव रात्रि का पूजन संपन्न होता है। उसके बाद दिन में ब्रह्मभोज भंडारा के द्वारा प्रसाद वितरण कर व्रत संपन्न होता है।