होनहार बेटी को सलाम, जिसने 15 साल की उम्र में इतिहास रच दिया। उसने सचिन तेंदुलकर का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर मिसाल कायम की है। जानिए खिलाड़ी के बारे में...
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शेफाली वर्मा
- फोटो : फाइल फोटो
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा ओपनर शेफाली वर्मा ने लगातार दूसरे दिन वेस्टइंडीज के खिलाफ तूफानी अर्धशतक जमाया है। शेफाली ने पहले टी-20 में अर्धशतक जमा इतिहास रचा था और दूसरे मुकाबले में भी 35 गेंद पर 69 रन की नाबाद पारी खेल टीम को जीत दिलाई। पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत ने मेजबान पर 10 विकेट से जीत हासिल कर 2-0 की बढ़त हासिल की।
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शेफाली वर्मा
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वहीं सीरीज के पहले मुकाबले में ही 15 साल की शेफाली वर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्द्धशतक जड़ने वाली भारत की सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। शेफाली ने यह उपलब्धि 15 साल और 285 दिन की उम्र में हासिल की। इस तरह उन्होंने दिग्गज क्रिकेटर तेंदुलकर को पछाड़ दिया। जिन्होंने अपना पहला टेस्ट अर्द्धशतक 16 साल और 214 दिन की उम्र में बनाया था।
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शेफाली वर्मा
- फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा की यह होनहार खिलाड़ी वेस्टइंडीज में जब चौके छक्के लगा रही थीं तो उनके परिवार वाले हर सेकेंड में गूगल को रिफ्रेश करके स्कोर जान रहे थे। झज्जर रोड निवासी शेफाली के पिता संजीव वर्मा ने बताया कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम वेस्टइंडीज के साथ पांच टी-20 मैचों की सीरीज खेलने के लिए गई हुई है। सोमवार को सीरीज का पहला मैच सेंट लूसिया में खेला गया। मुकाबले में शेफाली ने तेज तर्रार पारी खेली।
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शेफाली वर्मा
- फोटो : फाइल फोटो
संजीव ने बताया कि इस पारी के साथ ही शेफाली ने अपने आइडल क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के सबसे कम उम्र (16 वर्ष 214 दिन) में अर्द्ध शतक लगाने के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। इस पारी के बाद शेफाली विश्व की सबसे कम उम्र (15 वर्ष 285 दिन) में अर्द्ध शतक लगाने वाली खिलाड़ी बन गई है। लेकिन इस सीरीज के मुकाबलों का कहीं भी लाइव प्रसारण नहीं हो रहा है। इसके चलते वे अपनी बेटी के मुकाबला नहीं देख पाए।
संजीव ने बताया कि शेफाली की बल्लेबाजी और स्कोर के बारे में उन्हें गूगल से लेनी पड़ी। वहीं शेफाली के इस प्रदर्शन के बाद उसके कोच अश्वनी व अमन ने उन्हें फोन कर बधाई दी। घर में भी जश्न का माहौल है। बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। एक बार तो परिवार वाले भावुक हो गए थे, बेटी की उपलब्धि के बारे में जानकार, लेकिन उससे ज्यादा सीना गर्व से चौड़ा हो गया कि बेटी ने इतने बड़े मंच पर अपनी एक पहचान बनाई।