भगत सिंह
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इस गुप्त ठिकाने पर भगत सिंह के अलावा चंद्र शेखर आजाद, सुखदेव, शिव वर्मा, विजय कुमार सिन्हा, महाबीर सिंह तथा जय गोपाल का आना-जाना था। गुप्त ठिकाने वाली इमारत श्री कृष्णा मंदिर ट्रस्ट के अधीन है। ट्रस्ट ही इमारत का किराया वसूलती है। पुरातन विभाग ने यादगार बनाने के संबंध नोटिफिकेशन भी जारी किया था लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ। लोगों की मांग है कि इस इमारत को राष्ट्रीय विरासत बनाया जाए, ताकि उन शहीदों की यादें जिंदा रहे और नई पीढ़ी उनके पद चिन्हों पर चले।