मासूम बच्चों से कुकर्म मामले में सजा का ऐलान होने के बाद आरोपी जुल्फिकार खान ने कोर्ट के बाहर जमकर हंगामा किया। नाबालिगों से कुकर्म मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय से सजा सुनाए जाने के बाद जुल्फिकार खान हक्का-बक्का रह गया। सजा सुनाए जाने से पहले हंस-हंसकर बात करने वाला जुल्फिकार सजा सुनाने के बाद एकदम शांत हो गया। उसके चेहरे पर चिंता के भाव और तनाव साफ दिख रहे थे।
इसके बाद उसने जज साहब से दो मिनट के लिए अपनी बात रखने की अपील की। उसकी अपील पर जज कोर्ट रूम में आए तो जुल्फिकार ने उनसे कहा ‘जज साहब उसने उनके बारे में जेल में काफी कुछ सुनना है। इसलिए आपसे एक गुजारिश है कि आप बस मेरी एक बात सुन लें। सुप्रीम कोर्ट तक मेरी दरख्वास्त भेज दें। चाहे वह स्वीकार करें या न करें, मुझे संतुष्टि हो जाएगी।’
उसका कहना था कि ‘ऐसे मामलों में पुलिस केस दर्ज करने से पहले या अदालत मौखिक शिकायत पर केस दर्ज करने के साथ ही सबूत जरूर मांगे। 2007-10 के बीच कुछ गलत करने के आरोप से इतने साल बाद कैसे खुद को पाक साफ दिखाऊं? वर्षों पहले लगे इल्जाम से अब कैसे खुद को बेगुनाह साबित करूं।’
इतना ही नहीं उसने यह भी कहा कि अगर इस तरह के झूठे आरोप लगेंगे तो कोई भी भविष्य में सामाजिक सेवा नहीं करेगा। उसने भारी आवाज में अदालत में कहा कि, ‘मेरा नाम जुल्फिकार खान है और मैंने इस शहर में 25 साल शाही जिंदगी गुजारी, लेकिन कुछ लोगों ने उसे मिलकर तबाह कर दिया। उसका सब कुछ छीन लिया।’उसके इतना कहने के बाद जज अपनी सीट से यह कहकर उठ गए कि वह उनकी बात को देखेंगे।