चंडीगढ़ के सेक्टर 28 सरकारी मॉडल स्कूल के टीचर मुकेश ने बताया कि 28 अप्रैल को हार्दिक मित्तल का उनके स्कूल में एडमिशन हुआ था। इस दौरान बच्चों के माता-पिता से भी एडमिशन को लेकर बात हुई थी। वह किसी तरीके से तनाव में नहीं लगे हर बात का उन्होंने शांति से जवाब दिया था।
पंचकूला के सेक्टर-27 में सोमवार रात कर्ज के बोझ तले दबे एक ही परिवार के सात लोगों ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मरने वालों में प्रवीण मित्तल, उनकी पत्नी रीना, मां विमला, पिता देशराज, बेटा हार्दिक, बेटी डेलसी, ध्रुविता शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, परिवार देहरादून में रहता था और बच्चे चंडीगढ़ में रहते थे। मृतक हार्दिक सेक्टर 28 के सरकारी स्कूल में पंजाबी विषय का स्टूडेंट था।
सेक्टर 28 सरकारी मॉडल स्कूल के टीचर मुकेश ने बताया कि 28 अप्रैल को हार्दिक मित्तल का उनके स्कूल में एडमिशन हुआ था। इस दौरान बच्चों के माता-पिता से भी एडमिशन को लेकर बात हुई थी। वह किसी तरीके से तनाव में नहीं लगे हर बात का उन्होंने शांति से जवाब दिया था।
विज्ञापन
2 of 8
पंचकूला के सेक्टर 27 में खड़ी कार
- फोटो : संवाद
पढ़ाई में भी अच्छा था बच्चा
उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ उनके माता-पिता भी बहुत सरल लगे थे। स्कूल में सीट न होने के बावजूद बच्चों की शराफत देखकर उसे एडमिशन दिया गया था। एक महीने वह स्कूल में रहा उसने टेस्ट दिए। बच्चा पढ़ाई में भी अच्छा था वह पंजाबी विषय का स्टूडेंट था। टीचर ने बताया कि बच्चों के माता-पिता पीटीएम के लिए भी स्कूल में आए थे। दो बार उनकी बच्चों के पिता से बात हुई लेकिन हर बार उन्होंने बहुत ही अच्छा व्यवहार किया।
विज्ञापन
3 of 8
कार में जांच करती टीम
- फोटो : संवाद
वहीं पंचकूला पुलिस के डीसीपी अमित ने बताया कि मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं। डॉक्टरों के बोर्ड से सभी का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस मामले में कई एंगल से जांच कर रही है। मृतकों के सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाले जा रहे हैं।
4 of 8
परिवार के सदस्य को बचाने की कोशिश करते डॉक्टर
- फोटो : संवाद
वहीं सीसीटीवी फुटेज की भी बारीकी से जांच की जा रही है। परिवार के पुराने इतिहास को भी जांचा जाएगा। फोरेंसिक टीम गाड़ी से मिले सामान की जांच कर रही है। पुलिस को दो सुसाइड नोट मिले हैं, एक कार के डैशबोर्ड पर रखा था और दूसरा सामान के अंदर था।
विज्ञापन
5 of 8
घटनास्थल पर जांच करती टीम
- फोटो : संवाद
उन्होंने कहा कि मृतकों के बैंक अकाउंट की डिटेल भी निकलवाई जा रही है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की भी जांच करवाई जाएगी। वहीं परिवार के धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम में जाने की बात से पुलिस ने इनकार किया है।
विज्ञापन
6 of 8
घटनास्थल पर जांच करती टीम
- फोटो : संवाद
यह था पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात करीब 11 बजे सूचना मिली कि मकान नंबर 1204 के बाहर खड़ी एक कार में कुछ लोगों ने आत्महत्या कर ली है। मौके पर पहुंची पुलिस कार में सवार लोगों में से छह को सेक्टर-26 के निजी अस्पताल और एक को सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में ले गई।
विज्ञापन
7 of 8
शवों को ले जाते कर्मी
- फोटो : संवाद
मृतकों की पहचान प्रवीण मित्तल, उनकी पत्नी रीना, मां विमला, पिता देशराज, बेटा हार्दिक, बेटी डेलसी, ध्रुविता के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद डीसीपी हिमाद्री कौशिक समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रवीन मित्तल ने कुछ समय पहले देहरादून में टूर एंड ट्रैवल का कारोबार शुरू किया था, जो चल नहीं पाया। उसमें उनको भारी घाटा हुआ। इसी कारण परिवार कर्ज में डूब गया था।
हालत इतनी खराब थी कि परिवार का गुजारा भी नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देर रात तक पुलिस जांच में जुटी रही कि परिवार कहां का रहने वाला है। हालांकि गाड़ी देहरादून आरटीओ में रजिस्टर्ड है और आरसी के अनुसार उसके मालिक का नाम गंभीर सिंह नेगी है।