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सिर पर गठरी, गोद में मासूम, पांव के जख्मों को भूल घर लौट रहे प्रवासी, रुला देंगी ये पांच तस्वीरें

Sun, 17 May 2020 12:49 PM IST
ajay kumar राकेश बनवाल/तरूण अग्रवाल, अमर उजाला, अंबाला सिटी (हरियाणा)
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Punjab - फोटो : अमर उजाला
अब उन की ख्वाब-गाहों में कोई आवाज मत करना, बहुत थक-हार कर फुटपाथ पर मजदूर सोए हैं। पंजाब से अंबाला पहुंच रहे प्रवासी मजदूरों पर यह लाइन एकदम फिट बैठ रही है। सिर पर गठरी, गोद में मासूम। 300 किलोमीटर का सफर नंगे पांव तय कर चुके हैं और अभी 1 हजार किलोमीटर और चलना है। पांव के छाले और पेट की भूख सब कुछ भुलाकर घर पहुंचने की चिंता। न मौत का डर न पुलिस के लठ की फिक्र क्योंकि अब खोने को कुछ बचा ही नहीं । देखिए पलायन की ये तस्वीरें...
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लॉकडाउन से पहले जो कुछ जोड़ा था वह लॉकडाउन के दौरान सब बिक गया। गहने, मोबाइल यहां तक की मंगलसूत्र भी बिक गया। लेकिन अब पापी पेट के साथ बच्चों की भूख ने हौसले तोड़ दिए हैं। अलबत्ता अब यह अपने प्रदेश जाने के लिए आतुर हैं। इसके लिए राह में आ रहे बोर्डर से बचने के लिए यह प्रवासी घग्गर नदी के जरिए अंबाला की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। 
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थोड़ी सी चूक इनके साथ-साथ मासूमों की भी जान ले सकती है लेकिन क्या करें इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं है। अंबाला पहुंचे प्रवासियों ने कुछ इसी तरह अपना दर्द अमर उजाला से साझा किया। कहा कि रोजाना 50 से 70 किलोमीटर सफर तय करते हैं और थककर जहां भी पनाह मिलती है उसी खुले आसमान तले सो जाते हैं।  

हरियाणा-पंजाब के बीच फंसी इंसानियत
हरियाणा-पंजाब बार्डर के बीच में प्रवासी मजदूर नहीं बल्कि इंसानियत फंस गई है। इन प्रवासी मजदूरों को पंजाब सरकार पनाह नहीं दे रही । अगर किसी तरह हरियाणा में पहुंच रहे हैं तो उन्हें बसों में भरकर वापस पंजाब बार्डर पर छोड़ा जा रहा है ताकि वह पैदल ही पंजाब में चले जाएं। इसी पंजाब-हरियाणा बार्डर के भंवर में प्रवासी मजदूर उलझ कर रहे गए है। जिन्हें निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। 
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चोरी छुपे हरियाणा-पंजाब बार्डर के भंवर से निकल जाते है, वह अंबाला कैंट और सिटी बार्डर पर मौजूद पुलिस के डंडे खाकर वापस लौट आते है। प्रवासी मजदूरों को पंजाब अपने राज्य से निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। कभी उन्हें बसों के रास्ते हरियाणा में भेज रहा है तो कभी ट्रकों में लादकर हरियाणा बार्डर पर छोड़ा जा रहा है। इतना ही नहीं इन प्रवासी मजदूरों को घग्गर नदी का रास्ता भी पंजाब पुलिस दिखा रही है, जिसके चलते हजारों प्रवासी मजदूर जान जोखिम में डाल अपने छोटे-छोटे बच्चों को कंधों पर बैठाकर घग्गर नदी का पार कर अंबाला में प्रवेश कर रहे हैं।
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