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शहीद भगत सिंह का घर आपने देखा क्या, अगर नहीं तो ये रहीं तस्वीरें

Sat, 23 Mar 2019 08:04 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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शहीद ए आजम भगत सिंह - फोटो : File Photo
आज ही के दिन क्रांतिकारी भगत सिंह शहीद हुए थे। भगत सिंह से जुड़े तमाम किस्से हैं। लेकिन क्या आपने कभी उनका घर भी देखा है। अगर नहीं तो आइए जानते हैं भगत सिंह के घर के बारे में...
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- फोटो : फाइल फोटो
क्रांतिकारी भगत सिंह का जन्म श्री आनंदपुर साहिब के छोटे से गांव खटकर कलां में वर्ष 1907 में हुआ था।
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शहीद भगत सिंह का घर - फोटो : फाइल फोटो
यह एक छोटा सा गांव हुआ करता था, मगर आज बड़ी-बड़ी आलीशान कोठियों के बीच भगत सिंह का पुश्तैनी मकान उसी तरह खड़ा है, जैसा वो 1907 में हुआ करता था।

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- फोटो : फाइल फोटो
भगत सिंह की मां इस मकान में 1975 तक रहती रहीं। लेकिन उनके देहांत के बाद परिवार के बाकी लोग दूसरी जगहों पर चले गए। उनके पुश्तैनी मकान को अब राष्ट्रीय धरोहर के रूप में संरक्षित किया गया है।
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- फोटो : फाइल फोटो
समय-समय पर हल्की-फुल्की मरम्मत और इमारत को संरक्षित रखने का काम किया जाता रहा है। पुश्तैनी मकान के प्रवेश द्वार पर ही पुरातत्व विभाग ने एक बड़ा सा बोर्ड लगा रखा है, ताकि पर्यटकों को इस इमारत के बारे में जानकारी मिल सके।
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शहीद भगत सिंह का घर - फोटो : फाइल फोटो
बड़े से द्वार से अन्दर आंगन में दाखिल होने का रास्ता है। पीले रंग का यह मकान गवाह है, भगत सिंह के बचपन का और उनके युवा होते दिनों का।
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भगत सिंह के घर में रखा पुराना पलंग - फोटो : फाइल फोटो
हालांकि, घर के अंदरूनी हिस्से को पुरातत्व विभाग ने बंद कर रखा है ताकि भगत सिंह और उनकी मां द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली चीजें संरक्षित रखी जा सकें। मकान के बाहर के एक कमरे को विभाग अपने कार्यालय के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

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- फोटो : फाइल फोटो
लकड़ी की नक्काशी वाला पुराना पलंग और अलमारी आज भी उसी तरह से संरक्षित रखे गए हैं जैसे वो सौ साल पहले थे। अलबत्ता, वक्त के साथ पलंग की रस्सियां कमजोर पड़ने लगी हैं। 

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- फोटो : फाइल फोटो
अलमारी की कुछ एक चीजें जैसे कि कपड़े इस्तरी करने वाली कोयले की प्रेस भी एक ताक पर मौजूद हैं। गुसलखाने में वो सौ साल पुराना टब और बाल्टी आज भी उसी तरह से रखी हुई हैं। जानकार बताते हैं कि भगत सिंह की मां ने 1975 तक इन सभी चीजों का इस्तेमाल किया था।
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- फोटो : फाइल फोटो
खटकर कलां में ही पंजाब की सरकार ने भगत सिंह की याद में एक संग्रहालय भी बनाया। उसी तरह रसोई घर में रखे बर्तन भी हैं। इस म्यूजियम में उनसे जुड़ी कई और चीजों को लोगों के लिए रखा गया है। 
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