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अनोखी मशीनः कसरत भी कीजिए, कपड़े भी धोइए

Fri, 14 Nov 2014 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अब घर में कसरत करने और कपड़े धोने के लिए एक ही मशीन काफी है। इतना ही नहीं, यह मशीन बिजली भी बना सकेगी। वह भी मामूली खर्च पर। देहरादून की होनहार छात्रा सुमेधा ने ऐसा ही मॉडल तैयार किया है। नाम है जिम-कम-वॉशिंग मशीन। वीरवार को सेक्टर-10 लेजर वैली में 41वीं नेशनल साइंस एग्जीबिशन में यह मॉडल प्रदर्शित किया गया।
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अनोखी मशीनः कसरत भी कीजिए, कपड़े भी धोइए

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रायपुर (देहरादून) स्थित केंद्रीय विद्यालय में 12वीं की छात्रा सुमेधा रावत ने बताया कि उन्होंने साइकिलिंग के साथ कपड़े धोने की मशीन तैयार की है। इसके दूसरी तरफ कपड़े सुखाने के लिए अलग बॉक्स भी है। सुमेधा कहती हैं कि साइकिलिंग करते हुए 90 फीसदी ऊर्जा का प्रयोग सही दिशा में हो सकता है। सिस्टम में एक खास यंत्र लगाएं तो बिजली उत्पादन भी हो सकेगा। इस मशीन से मोबाइल चार्जिंग और लाइट जलाने की बिजली आसानी से तैयार हो सकेगी। यह मॉडल 800 रुपये में तैयार हुआ है।
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हाथों के इशारे समझकर कंप्यूटर सामने वाले व्यक्ति को समझा देगा। ऐसा ही मॉडल एग्जीबिशन में आकर्षण का केंद्र है। जीजीएस सचदेवा कॉलेज के सुमित ग्रोवर ने बोलने में असमर्थ लोगों की मदद के लिए खास दस्ताना तैयार किया है। अंगुलियों के इशारों को खास चिप के माध्यम से कंप्यूटर से जोड़कर कमाल किया गया है। हाथ की हर मूवमेंट को कंप्यूटर समझकर आदेश फॉरवर्ड कर देता है। यह बोलने-सुनने में असमर्थ लोगों के लिए फायदेमंद होगा। डेढ़ महीने में तैयार हुए मॉडल पर करीब पांच हजार रुपये खर्च हुए हैं।
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फैक्ट्रियों के कारण प्रदूषण बड़ी समस्या बन चुका है। नई दिल्ली विकासपुरी स्थित ममता मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की 10वीं की छात्रा सुरभि रहेजा ने इस प्रदूषण को रोकने के लिए बेहतरीन मॉडल तैयार किया है। सुरभि ने एक चिमनी डिजाइन की है, जिसमें खास फिल्टर लगाया है। इससे फैक्ट्री से बाहर आने से पहले ही धुएं आदि को काफी हद तक खत्म कर दिया जाता है। वहीं, नवरीत और पूजा दो छात्राओं ने गारबेज-ए हिडन गोल्ड थीम पर मॉडल तैयार किया है। नवरीत ने बताया कि बायो डिग्रेड के प्रयोग से खाद तैयार कर फायदा उठाया जा सकता है। वेस्ट प्लास्टिक से डीजल भी तैयार किया जा सकता है। तीसरे दिन प्रदर्शनी में आठ हजार से अधिक स्टूडेंट पहुंचे।
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