इन बच्चों के हौंसले को सेल्यूट कीजिए। अपनी आंखें रोशन नहीं हैं, लेकिन ड्राइवर को रास्ता ऐसे दिखाया कि वे मुकाम पर पहुंच गए। देखिए तस्वीरें।
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हौंसले को सलाम! बिना आंखों के दिखाया ड्राइवर्स को रास्ता
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ये बच्चे चंडीगढ़ में सेक्टर 26 स्थित ब्लाइंड स्कूल के स्टूडेंट्स हैं। इन्होंने इंस्टीट्यूट फॉर ब्लाइंड की ओर आयोजित ब्लाइंड कार रैली में अपने हुनर का परिचय दिया। हुनर भी ऐसा गजब का कि ड्राइवर्स दंग रह गए।
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रैली सेक्टर-26 से शुरू हुई। इसे डीपीआई रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने झंडी दिखाकर रवाना किया। कार रैली में 40 गाड़ियों ने भाग लिया। इनमें ब्लाइंड छात्र और छात्राओं ने को-ड्राइवर की भूमिका निभाई।
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ब्लाइंड रैली शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए लगभग 50 किलोमीटर का सफर तय कर वापस सेक्टर-26 में खत्म हुई। कार रैली में चार्टेड अकाउंटेंट साहिल सिंगला के साथ सतपाल सिंह को-ड्राइवर रहे। रैली के बाद साहिल काफी उत्साहित नजर आए।
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साहिल ने कहा रैली में गाड़ी तो वह खुद चला रहे थे, लेकिन कमांड उन्हें सतपाल दे रहा था। ब्रेल लिपी के मैप के सहारे वह पहले ही बता देते थे कि कहां और किस ओर मुड़ना है। वह बता देते थे कि अब लाइटें आने वाली है। अब कौन सा सेक्टर आ गया है।
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सतपाल सिंह इंस्टीट्यूट फॉर ब्लाइंड सेक्टर-26 में 12वीं के छात्र हैं। बचपन में ही आंखों की रोशनी चली गई थी। रैली के लिए वह कई दिनाें से काफी मेहनत कर रहे थे। ब्रेल लिपी के सहारे शहर की भौगोलिक स्थिति, जिसमें हर चौक, लाइट, सेक्टर की तमाम जानकारी जुटाई।
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रैली के बाद सतपाल ने बताया कि आज मेरा सपना सच हुआ है। सतपाल ने कहा कि वह खुद कभी कार नहीं चला पाएंगे। लेकिन कार चालक को निर्देश देते हुए कार चलाते हुए महसूस करना किसी सपने से कम नहीं रहा।