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'मर्दानियों' को सलाम, बेटियां बचाने को कर रहीं अनोखा काम

Mon, 19 Oct 2015 07:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद(हरियाणा)
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खाकी वर्दी वाली इन मर्दानियों के बारे में जानकर आप भी नाज करेंगे। ये बेटियां बचाने को वो काम कर रहीं, जो अच्छो-अच्छो के बस का नहीं जो। रिपोर्टः मुकेश खुराना, फतेहाबाद
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ये बेटियां हैं हरियाणा के फतेहाबाद पुलिस की बहादुर ऑफिसर्स- एसपी संगीता कालिया, कांस्टेबल बिमला देवी, सुंदर देवी, कमलेश और राजबाला। इस टीम ने खाकी पहनते हुए अपना काम इतने अच्छे से संभाला है कि मनचले इन्हें देखकर रास्ता बदल लेते हैं।
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एसपी संगीता कालिया किसी उदाहरण से कम नहीं हैं। एक साधारण परिवार में रहकर उन्होंने सपना देखा और उसे पूरा किया। जिस पुलिस विभाग में पिता कारपेंटर हुआ करते थे आज उसी विभाग में खुद एसपी के पद पर तैनात हैं।

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सब इंस्पेक्टर अरुणा छेड़छाड़ करने वालों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए सेल्फ डिफेंस के गुर सिखा रही हैं। एसपी संगीता कालिया ने इस पर पहल की और पुलिस लाइन में महिलाओं और लड़कियों को आत्मरक्षक बनाने के लिए अभियान चलाया गया। अरुणा एशियन मेडलिस्ट हैं और पुलिस विभाग में भी वह कई उपलब्धियां प्राप्त की चुकी हैं।
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महिला थाने में तैनात कांस्टेबल सुंदर देवी और कमलेश राइडर हैं। सुबह कॉलेज और स्कूल समय में दोनों बाइक पर राउंड लगाती हैं और शरारती तत्वों पर नजर रखती हैं। कांस्टेबल सुंदर देवी और कमलेश कहती हैं कि हर बहन, बेटी व मां को घटनाओं से सुरक्षित रखना उनकी जिम्मेवारी है।
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परिजनों के सहयोग से पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर तैनात हुई बिमला देवी जब 1994 में हिसार के मॉडल टाउन स्थित चौकी की इंचार्ज बनीं तो लोगों सहित खुद के महकमे ने खूब ताने दिए कि लुगाई के बस की बात कोनी। लेकिन बिमला देवी ने इसे नजर अंदाज करते हुए हर मुकाम को हासिल किया और आठ पुलिस स्टेशनों में एसएचओ के पद पर कार्यभार संभाला।
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पुलिस विभाग में वर्ष 2008 में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हुई राजबाला ने अलग थानों में जांच अधिकारी के पद पर रहकर कई केस सुलझाए हैं। अब वह महिला थाने में तैनात हैं। जहां पर वह पति-पत्नी के बीच गलतफहमी के कारण आई दरारों को दूर कर उन्हें दोबारा बसाने का काम कर रही हैं।

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राजबाला ने महिला थाने में आई ऐसी शिकायतें में से 67 परिवारों को टूटने से बचाया। राजबाला कहती हैं कि जब वह टूटे घर को दोबारा जोड़ती हैं तो उनके मन का तसल्ली भी मिलती है।

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बिमला देवी आजकल महिला थाने में इंस्पेक्टर का कार्यभार संभाल रही हैं। अब तक आई 217 शिकायतों में से 147 में समझौता भी करवा दिया। बिमला देवी कहती हैं कि उन्हें नए एक्सपीरियंस से जूझना अच्छा लगता है और यही कामयाबी का राज है।

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एसपी कालिया बताती हैं कि उन्होंने उड़ान नाटक देखा और उसी से प्ररेणा लेकर आगे बढ़ी। पिता धर्मपाल जिस वर्ष में पुलिस विभाग से रिटायर हुए उसी वर्ष 2010 में हरियाणा पुलिस में आईपीएस के पद पर ज्वाइन किया।
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कालिया ने फतेहाबाद में एसपी के पद पर कार्यभार संभालते ही अपराधियों पर शिकंजा कसा। एसपी कालिया ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सेल्फ डिफरेंस जैसे कोर्स शुरू किए। साथ ही अब महिला कर्मचारियों के लिए क्रैच सेंटर खोलकर नई शुरुआत की है।
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