गले पर बड़ा टैटू, हाथ में बंदूक और शरीर पर भगवा चोला। ये हैं विवादों वाली साध्वी देवा ठाकुर...
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Sadhvi Deva Thakur
हमेशा सोने की मोटी माला पहले दिखने वाली साध्वी देवा ठाकुर, देवा इंडिया फाउंडेशन की निदेशक हैं। इनका आश्रम हरियाणा के करनाल में है और ये जींद की रहने वाली हैं।
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Sadhvi Deva Thakur
फेसबुक पर भड़काऊ बाते लिखने वाली इस साध्वी के लाखों फॉलोवर है। साध्वी अपने फेसबुक पेज पर अपने अच्छे कामों, अखबारों की कटिंग्स के अलावा खुद की तरह-तरह की तस्वीरें अपलोड करती है। जिनपर कमेंट्स भी खूब आते हैं।
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Sadhvi Deva Thakur
26 साल की देवा अपने बयानों के कारण चर्चा में रहती हैं और अक्सर बंदूकों के साथ नजर आती हैं। हिंदुवादी साध्वी देवा ठाकुर अपने कारनामों के साथ साथ अपने विवादित बयानों के लिए काफी चर्चित रहती हैं।
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Sadhvi Deva Thakur
साध्वी देवा ठाकुर करनाल में एक शादी में डांस फ्लोर पर फायरिंग के बाद चर्चा में आईं। इस गोलीकांड में छर्रे लगने से दूल्हे की मौसी की मौत हो गई थी जबकि दस वर्षीय बच्ची सहित चार लोग घायल हो गए थे।
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Deva Thakur
फायरिंग के बाद वे फरार हो गई थीं, पर बाद में सरेंडर कर दिया था। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, वे जेल में भी रहीं। कुछ समय पहले ही रिहा हुई हैं।
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बंदूकों की शौकीन साध्वी देवा ठाकुर
सोशल मीडिया पर जबरदस्त सक्रिय रहने वाली साध्वी देवा ठाकुर बचपन से माता बाला सुंदरी की भक्त हैं। बचपन से ही वह ज्योतिष का कार्य करती थी। करीब 15 साल पहले साध्वी ने भगवा चोला पहना और अपना डेरा स्थापित कर लिया।
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बंदूकों की शौकीन साध्वी देवा ठाकुर
इसके बाद धीरे-धीरे डेरे के भक्त बढ़ने लगे। आसपास के क्षेत्र में डेरे का नाम हुआ तो बाद में अन्य राज्यों में भी साध्वी के कार्यक्रम होने लगे। हिंदू धर्म को लेकर प्रखर साध्वी के विवादित बयानों ने भी उसे खासी पहचान दी।
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साध्वी देवा ठाकुर
इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि करीब दो साल हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद तक से उसे नवाजा गया, हालांकि बमुश्किल वह साल भर ही यहां पर रह सकी और बाद में सार्वजनिक तौर पर साध्वी ने महासभा को छोड़ दिया था।
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बंदूकों की शौकीन साध्वी देवा ठाकुर
बता दें कि गांव ब्रास में साध्वी पढ़ी लिखी हैं और बचपन से ही उनकी रुचि ज्योतिष और आध्यात्म में रही है। माता बाला सुंदरी की भक्त के नाम से ही बचपन से पूरा गांव उसे जानता था।
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साध्वी देवा ठाकुर
गांव से अपनी पढ़ाई करने के बाद साध्वी ने अपना डेरा स्थापित कर लिया और डेरे का नाम माता बाला सुंदरी डेरा रखा। इसके बाद से ही यहां पर भक्तों की संख्या बढ़ने लगी।
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करनाल साध्वी देवा ठाकुर
- फोटो : self
करीब 6 साल पहले साध्वी ने देवा फाउंडेशन का गठन किया और खुद उसकी अध्यक्ष बन गई। उनके डेरे पर सत्ताधारी और विपक्ष के नेताओं समेत अधिकारी भी नतमस्तक होते रहे हैं।
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साध्वी देवा ठाकुर का प्रोफाइल
- फोटो : फाइल फोटो
सोशल मीडिया पर इनकी सभी की तस्वीरें इस बात का बखान करती हैं कि साध्वी के पास दंडवत होने वालों की कमी नहीं थी और धीरे-धीरे वह प्रदेश के साथ-साथ देश के संतों में अपना स्थान रखने लगी थी।
देवा ठाकुर को हिंदू धर्म पर व्याख्यान के लिए राजस्थान, एमपी और यूपी समेत अन्य राज्यों से निमंत्रण आते थे। एक खास कौम के खिलाफ खुलकर बोलने के कारण साध्वी खुद अपनी सुरक्षा के लिए पिस्टल रखती हैं और साथ ही पांच से छह हथियारबंद युवक उसकी सुरक्षा में रहते हैं। अच्छी पोशाक और हथियारों के शौक के कारण साध्वी का खासा नाम है।