लाखनमाजरा के 36 वर्षीय श्रीओम पुत्र आजाद सिंह ने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करवाने के लिए कमर पर 10 किलोग्राम वजन बांध कर 100 किलोमीटर दौड़ लगाई और वह भी बिना रुके। 100 किलोमीटर की दौड़ उसने 17 घंटे 50 मिनट में पूरी की। यह उपलब्धि लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
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10 किलो वजन पीठ पर बांध 100 किमी दौड़ा श्रीओम
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खेल विभाग के कोच कृष्ण सिवाच, सतीश कुमार व राजेंद्र सिंह की देखरेख में असम राइफल्स में तैनात श्रीओम ने रविवार दोपहर दो बजे दौड़ की शुरुआत की थी और सोमवार सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर 100 किलोमीटर की दूरी पार कर ली। वह अपने पिछले रिकॉर्ड से 4 घंटा 10 मिनट पहले पहुंचा।
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10 किलो वजन पीठ पर बांध 100 किमी दौड़ा श्रीओम
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श्रीओम 12 घंटे तक बिना रुके दौड़ा और उसने 75 किलामीटर दूरी तय की। मकड़ौली टोल प्लाजा के पास दस मिनट का ब्रेक लेकर एक कप चाय व एक अंडा लिया। 16-17 किलोमीटर और दौड़ने के बाद रोहतक में महज गर्म पानी पीया।
10 किलो वजन पीठ पर बांध 100 किमी दौड़ा श्रीओम
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गोहाना के पास पहुंचने पर तेज हवा के साथ बरसात शुरू हुई तो भी श्रीओम दौड़ता रहा। रुकने लिए कहा गया, उसने जवाब दिया कि हम फौज में इससे ज्यादा मुश्किलों में दुश्मन से लोहा लेते हैं। यदि देश पर दुश्मन हमला कर दे तो मौसम साफ होने का इंतजार नहीं करेंगे। मेरे लिए यह सामान्य बात है।
कोच कृष्ण, सतीश और राजेंद्र ने बताया कि श्रीओम की ऐतिहासिक उपलब्धि के पूरे दस्तावेज तैयार किए हैं, जिन्हें लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड संस्था में भेजा जाएगा। इसके बाद वहीं से उसके रिकॉर्ड बनाने की आधिकारिक घोषणा होगी।