रोहतक कोर्ट ने साढ़े 10 माह में ही केस में सुनवाई पूरी कर दी। 15 अक्तूबर से गवाही का दौर शुरू हुआ था। अक्तूबर माह में गवाही के लिए 9 दिन निर्धारित किए गए थे। इस दौरान कुल 57 लोगों की गवाही हुई। आरोपी पक्ष की ओर से भी तीन गवाह पेश किए गए था। दोषियों को बिना नकाब के देखिए तस्वीरों में।
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देखिए, रोहतक रेप के 'दरिंदों' को बिना नकाब के
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गौरतलब है कि रोहतक से 01 फरवरी 2015 को लापता नेपाली युवती का नग्न अवस्था में शव चार फरवरी को बहुअकबरपुर गांव के खेतों में मिला था। पोस्टमार्टम के दौरान खुलासा हुआ कि युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया था। बाद में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था जबकि एक आरोपी ने दिल्ली में आत्महत्या कर ली थी।
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पूछताछ में सामने आया था कि गैंग रेप, कुकर्म और बेरहमी से हत्या के बाद भी दरिंदगी के आरोपियों का मन नहीं भरा। निर्भया की सांस बंद होने तक उसके पास रहे आरोपी राजेश उर्फ घुचडू ने युवती के कानों से बाली और नाक की नथनी तक उतार ली।
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रोहतक कोर्ट में 9 सितंबर 2015 को सभी आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किए गए थे। 15 अक्तूबर से गवाही का दौर शुरू हुआ था। अक्तूबर माह में गवाही के लिए 9 दिन निर्धारित किए गए थे। इस दौरान कुल 57 लोगों की गवाही हुई जबकि आरोपी पक्ष की ओर से भी तीन गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश सीमा सिंघल की कोर्ट ने सभी सातों आरोपियों को दोषी करार दे दिया। अब 21 दिसंबर को सजा पर बहस होगी। इसके बाद कोर्ट फैसला सुनाएगी।
आरोपियों ने उसके साथ गद्दी खेड़ी गांव के खेतों में बने दो अलग-अलग कमरों में गैंगरेप किया। एक कमरे में कई घंटे नोचने के बाद एक बार तो आरोपियों ने उसे हाथ पकड़कर शहर की तरफ रवाना कर दिया था।