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अगर की ये चूक तो खाते से उड़ जाएंगे पैसे, ये हैं बेहद खतरनाक एप, जरूर बरते सावधानी

Fri, 13 Sep 2019 11:38 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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प्रतीकात्मक तस्वीर
अब आप अपने स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर या किसी अन्य बेवसाइटों से एप या प्रोग्राम डाउनलोड सोच-समझ कर ही करें। ऐसा करने पर कई गैरवांछित एप भी डाउनलोड रहे हैं, जिनके जरिए आपके खाते की जानकारी लीक हो रही है। यहां तक कि जियो-4 या अन्य ऑफर के बहाने भी ट्रूकॉलर से एंड्रॉयड मोबाइल इस्तेमाल करने वालों के लिए खतरा बढ़ा गया है। 
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सांकेतिक तस्वीर
जरा सी चूक होने से साइबर अपराधी पलभर में आपके खाते में सेंध लगा दे रहे हैं। पुलिस ने लोगों को चेताते हुए बिना जरूरत के एप को एक्सेस करने की अनुमति न देने की हिदायत दी है। एसपी राहुल शर्मा ने पुलिसकर्मियों को भी लोगों को साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में जब तक पुलिस मामला दर्ज करती है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। ज्यादातर मामलों में साइबर अपराधी पकड़ में नहीं आते।
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सांकेतिक तस्वीर
पुलिस का कहना है कि स्मार्टफोन पर नए-नए एप डाउनलोड करते समय लोग सावधानी बरतें। ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं। एसपी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति अपने स्मार्ट फोन में गूगल प्ले स्टोर, आईओएस या किसी अन्य एप्लीकेशन स्टोर के जरिए कोई एप्लीकेशन इंस्टॉल करता है तो वह फोन में विभिन्न सूचनाओं के पहुंच की अनुमति दे बैठता है। एप मुख्य रूप से फोन में मौजूद संपर्क नंबर, कैमरा, फाइल, फोटो गैलरी या लोकेशन को एक्सेस करने की अनुमति मांगता है। ऐसे में कई जरूरी जानकारी भी साझा हो जाती है। उनका सुझाव है कि एप डाउनलोड करते समय जिनकी जरूरत न हो, उन्हें कतई इजाजत न दें। अन्यथा एप उपयोगकर्ता के डिवाइस से जानकारी देने की अनुमति देने के बाद साइबर अपराधी उसका दुरुपयोग कर सकता है।

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सांकेतिक तस्वीर
उपयोगकर्ता को नियमित रूप से एप के जरिए दी गई अनुमति की जांच करनी चाहिए, क्योंकि समय के साथ कई कारणों जैसे एप्लीकेशन अपडेट या ओएस अपग्रेड होने के कारण अनुमति में बदलाव आ सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर पीयूपी (पोटेंशियली अनवांटेड प्रोग्राम्स) और पीयूए (पोटेंशियली अनवांटेड एप्लीकेशंस) की बढ़ती उपस्थिति के चलते एंड्रायड मोबाइल उपयोगकर्ताओं पर खतरा बढ़ गया है। फोटो एडिटर्स, ब्यूटिफिकेशन फिल्टर एप, म्यूजिक प्लेयर, इक्वालाइजर्स, फेक मॉनीटर या स्पाइंग एप और फेक एंटी वायरस एप के जरिए भी अहम जानकारियां लीक हो रही हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
ये रखें ध्यान 
  • अपने मोबाइल फोन में अनावश्यक एप को इंस्टाल न करें।
  • यदि जरूरी हो तो एप इंस्टॉल करते समय मांगी गई अनुमति के बारे में सावधान रहें और अनावश्यक अनुमति देने से बचें।
  • यदि अनुमति अनिवार्य है तो ऐसे एप का उपयोग करने पर एप स्वचालित रूप से सूचित कर देगा।
  • मय-समय पर अपने डिवाइस पर इंस्टॉल किए गए एप की अनुमति की समीक्षा करें। 
  • यदि कोई एप कुछ अस्वीकृत अनुमतियों के साथ काम नहीं करता है। ऐसे एप को इंस्टॉल न करें। 
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