एक इंसान ने कबाड़ इकट्ठा करके ऐसा खूबसूरत जहान बना दिया, जिसे दुनिया भर में सराहा गया। ये इंसान कोई और नहीं, बल्कि रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद थे, जो आज हमारे बीच नहीं रहे।
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कबाड़ से बनाया कुछ ऐसा, दुनिया ने किया पसंद, एक थे नेकचंद
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रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद का वीरवार रात पीजीआई में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। उनका निधन रात 12:12 बजे हुआ और उस वक्त उनके बेटे अनुज सैनी उनके साथ मौजूद थे।
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पीजीआई से मिली जानकारी के अनुसार उन्हें शाम 4 बजे पीजीआई लाया गया और हालात बिगड़ने पर रात 9 बजे आईसीयू में शिफ्ट किया। उनकी किडनी फेल हो गई थी। वे डायबिटीज, हाइपरटेंशन से भी पीड़ित थे। हाल ही में उन्हें कैंसर होने का पता चला था।
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नेकचंद का जन्म शेकरगढ़ जिला गुरदासपुर (अब पाकिस्तान) में 15 दिसंबर 1924 को हुआ था। 1947 में उनका परिवार चंडीगढ़ आकर बस गया। 1951 में नेकचंद पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट में रोड इंस्पेक्टर थे। 1975 में उन्होंने टूटे फूटे सामान से रॉक गार्डन तैयार किया। भारत सरकार ने नेकचंद को उनके इस कार्य के लिए 1984 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था।
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गत 15 दिसंबर को नेकचंद ने अपना 90वां जन्मदिन मनाया था। इस मौके पर पूरा परिवार मौजूद रहा। रॉक गार्डन में भव्य पार्टी दी गई, इसमें शहर के जाने-माने लोग और उनके चाहने वाले मौजूद रहे। आज वे पल बस यादगार बनकर रह गए।
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परिवार के साथ जन्मदिन मनाते नेकचंद का एक यादगार पल।
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परिवार के साथ जन्मदिन मनाते नेकचंद का एक यादगार पल।
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परिवार के साथ जन्मदिन मनाते नेकचंद का एक यादगार पल।
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परिवार के साथ जन्मदिन मनाते नेकचंद का एक यादगार पल।