किसानों के समर्थन में शनिवार को चंडीगढ़ में चक्का जाम कर दिया गया। जाम दोपहर तीन बजे तक लगाया गया। तीन बजते ही रास्ते खोल दिए गए। कृषि कानूनों के विरोध में जीरकपुर, मोहाली बॉर्डर, मुल्लांपुर, हल्लोमाजरा चौक पर रास्ता रोका गया था।
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मुल्लांपुर बैरियर पर पुलिस का कड़ा पहरा है।
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ पुलिस समेत खुफिया एजेंसियां चक्का जाम को लेकर सतर्क हैं। सीमाओं पर सबसे ज्यादा मुल्लांपुर सीमा पर प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए थे। ऐसे में पुलिस व्यवस्था सबसे ज्यादा इसी सीमा पर की गई थी। किसी भी हंगामे से बचने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस चौकस थी। लोगों ने मुल्लांपुर और दिल्ली से आने वाले रास्ते को पूरी तरह जाम कर दिया था। तीन बजे इसे खोल दिया गया।
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मुल्लांपुर बैरियर जाम होने के कारण लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
किसानों के समर्थन में पेंडू संघर्ष कमेटी, नौजवान किसान एकता, युवा और छात्र व समाज के कई अन्य वर्ग और राजनीतिक दल भी किसानों के समर्थन में आ रहे हैं। नौजवान किसान एकता ने शाम पांच से शाम सात बजे तक शहर के सभी 82 चौक और लाइट प्वाइंट पर किसानों के समर्थन में खड़े होने का एलान किया है।
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चंडीगढ़ में बाइक सवारों को रोकते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर जाम लगाने के कारण पुलिस को हल्लोमाजरा से यातायात मोड़ना पड़ा। वहीं धरना देने वाले लोगों ने बहलाना और पंचकूला मार्ग पर भी जाम लगा दिया। इससे लोगों को काफी घूमकर निकलना पड़ा। वहीं हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई।
हल्लोमाजरा चौक पर लगी वाहनों की लंबी लाइनें।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट से स्टेशन की तरफ यातायात मोड़ दिया था ताकि दिल्ली, पंचकूला और जीरकपुर जाने वाले लोग वहां से घूमकर निकल सकें। वहीं दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को भी जीरकपुर से पहले से मोड़कर पंचकूला व बलटाना होकर निकाला गया। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि पुलिस ने लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया कि सभी रास्ते बंद न करें, लेकिन लोगों ने स्पष्ट कहा कि मांगें पूरी न होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।