फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्टूडेंट्स! अब एग्जाम के बाद किताबें लौटाओ, दो प्रतिशत अंक पाओ

Fri, 07 Jul 2017 09:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 7
Chandigarh Government Schools
थोड़ी अजीब सी है, पर स्टूडेंट्स के लिए ये खबर बड़े काम की है। अब एग्जाम के बाद किताबें लौटाओ और दो प्रतिशत अंक पाओ, जल्दी से फायदा उठाओ।
विज्ञापन

2 of 7
Girls in school
हैरान रह गए न ये जानकर, पर ये सच है और हरियाणा की सरकार ने यह स्कीम लागू की है। दरअसल, हर साल सरकारी स्कूलों में छात्रों को वितरित की जाने वाली नई पाठ्य पुस्तकों की कमी के संकट और समय पर न छप पाने की वजह से पढ़ाई के हर्जाने से निपटने के लिए हरियाणा शिक्षा विभाग ने नया फार्मूला तैयार किया है।
विज्ञापन

3 of 7
school kids
इसके तहत अब जो भी छात्र परीक्षा खत्म होने के बाद अपनी पुस्तकें सकुशल क्लास टीचर को लौटाएगा, उसे फाइनल परीक्षा की इंटरनल एस्सेसमेंट में दो प्रतिशत अतिरिक्तअंक प्राप्त होंगे। यानी पुस्तकें लौटाने भर से उसका रिजल्ट और बेहतर हो जाएगा। विभाग का मानना है कि निशुल्क वितरित की गई पुस्तकों को एक साल बाद उपयोग से बाहर करना मुमकिन नहीं है और पर्यावरण के लिहाज से अनुकूल भी नहीं है।

 

4 of 7
स्कूल चलो - फोटो : amar ujala
इस संबंध में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सूबे के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को सर्कुलर भेजकर संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक की सभी पाठ्य पुस्तकें छात्रों को निशुल्क प्रदान की जाती हैं।
विज्ञापन

5 of 7
Chandigarh Government Schools
पर, हर साल समस्या यह पेश आती है कि ये पुस्तकें न तो समय पर प्रकाशित हो पाती हैं और न ही ही समय पर वितरित हो पाती हैं। इस सत्र में भी अब एक जुलाई से छात्रों को किताबें वितरित की गईं। हैरत की बात यह है कि स्कूल खुले तीन माह गुजर गए हैं और अब किताबें वितरित की जा रही हैं। इसी को देखते हुए अब निदेशालय ने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

6 of 7
primary school
इन निर्देशों के तहत स्कूलों में जागरूकता अभियान के जरिए छात्रों को निशुल्क दी जाने वाली पाठ्य पुस्तकों के रखरखाव के लिए प्रेरित करें। ये सुनिश्चित करवाया जाए कि छात्र सभी पुस्तकों को अच्छी तरह से सजिल्द करें। पुस्तकों का उपयोग ऐसे हो कि वे फटे नहीं। इसके लिए छात्रों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे परीक्षा संपन्न होने केबाद अपनी पाठ्य पुस्तकें वापस लौटाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
स्कूलों में बच्चों के ‌भविष्य से 'गंदा' खिलवाड़
हरियाणा में पहली से आठवीं कक्षा तक किताबें निशुल्क वितरित की जाती हैं। हरियाणा में पहली से आठवीं तक स्कूलों की संख्या 11143 है, जिनमें करीबन 1612651 छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। पहले से तीसरी तक छात्रों को सिलेबस के मुताबिक 3 विषयों की पाठ्य पुस्तकें, चौथी व पांचवीं कक्षा के छात्रों को 4 विषयों की और छठी से आठवीं तक छात्रों को 6 विषयों की पाठ्य पुस्तकें निशुल्क वितरित की जाती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें