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महान मिल्खा सिंह: भारत में नहीं पाकिस्तान में मिला था 'उड़न सिख' का खिताब, रोचक है लाहौर का ये किस्सा

Sat, 19 Jun 2021 02:17 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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मिल्खा सिंह की फाइल फोटो। - फोटो : फाइल फोटो
मिल्खा सिंह को उड़न सिख का खिताब पाकिस्तान में मिला था। पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल अयूब खान ने उन्हें उड़न सिख (फ्लाइंग सिख) की पदवी से नवाजा था। साल 1960 में मिल्खा को पाकिस्तान की ओर से लाहौर में दौड़ने का आमंत्रण मिला लेकिन भारत-पाक बंटवारे के बाद हुए दंगों से दुखी मिल्खा सिंह ने निमंत्रण ठुकरा दिया। उनकी आंखों के सामने दंगों में मारे गए लोगों की लाशों के दृश्य घूम रहे थे। पाकिस्तान न जाने की खबर अगले दिन अखबारों की सुर्खियां बनी। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने मिल्खा को बुलाया और समझाया कि पुरानी बातें भूलकर लाहौर जाओ। इसके बाद मिल्खा बाघा बार्डर के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे। उन्हें खुली जीप में लाहौर ले जाया गया। बताया जाता है कि रास्ते भर सड़क के दोनों तरफ भारी भीड़ थी और उनके हाथों में भारत और पाकिस्तान के झंडे लहरा रहे थे। इसमें उनका मुकाबला एशिया का तूफान नाम से मशहूर पाकिस्तानी धावक अब्दुल खालिक से था। पूरा स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था।
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मिल्खा सिंह। - फोटो : फाइल फोटो
बताया जाता है कि रेस शुरू होने से पहले कुछ मौलवी आए और खालिक से कहा कि खुदा आपको ताकत दे। जब वे जाने लगे तो मिल्खा सिंह ने कहा, रुकिए! हम भी खुदा के बंदे हैं। तब मौलवी ने उन्हें भी कहा कि खुदा आपको भी ताकत दे। रेस शुरू हुई तो सभी की धड़कनें बढ़ गईं। 
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मिल्खा सिंह। - फोटो : फाइल फोटो
अधिकतर लोगों को लग रहा था कि मिल्खा सिंह हार जाएंगे लेकिन जो हुआ, वो इतिहास बन गया। मिल्खा सिंह ऐसे दौड़े जैसे वे उड़ रहे हों। उन्होंने रेस जीत ली। इस रेस को पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल अयूब खान भी देख रहे थे।

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मिल्खा सिंह। - फोटो : फाइल
उन्होंने मिल्खा सिंह के गले में मेडल डालते हुए पंजाबी में कहा, ‘मिल्खा सिंह जी, तुस्सी पाकिस्तान दे विच आके दौड़े नई, तुस्सी पाकिस्तान दे विच उड़े ओ, आज पाकिस्तान तुहानूं फ्लाइंग सिख दा खिताब देंदा ए।’ उसके बाद से वे उड़न सिख के नाम से मशहूर हो गए। 
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मिल्खा सिंह। - फोटो : फाइल
वालीबॉल टीम की कप्तान निर्मल से की थी शादी
रोम ओलंपिक के बाद उनकी शादी हो गई थी। उनकी पत्नी निर्मल भारतीय वालीबॉल टीम की कप्तान थीं। जब दोनों इंडो सिलोन खेलों में हिस्सा ले रहे थे, तभी प्यार परवान चढ़ा और बाद में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। एक बार निर्मल ने किसी पत्रकार को बताया था कि शादी से पहले मिल्खा सिंह की बहुत बड़ी फैन थी और ऑटोग्राफ लेती रहती थी। वे इतने स्मार्ट और मशहूर थे कि प्यार तो होना ही था। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है।  बेटा जीव मिल्खा सिंह मशहूर गोल्फर हैं। वर्ष 1999 में मिल्खा ने शहीद हवलदार बिक्रम सिंह के सात वर्षीय पुत्र को गोद लिया था।
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