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राशन कार्ड धारक पढ़ें यह खबर, 1 अप्रैल से होने जा रहा बड़ा बदलाव, फायदा उठाएं

Mon, 12 Mar 2018 09:20 PM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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ration card
राशन कार्ड धारकों के लिए बेहद जरूरी खबर। एक अप्रैल से राशन की दुकानों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, यहां जानिए और फायदा उठाइए।
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राशन कार्ड
दरअसल, आटा-दाल स्कीम के लाभार्थी एक अप्रैल 2018 से पूरे पंजाब में कहीं से भी अपने हिस्से का राशन ले सकेंगे। फूड सप्लाई विभाग ने 31 मार्च तक सभी जिलों में बायोमीट्रिक पड़ताल से राशन वितरण की तैयारी कर ली है। पंजाब में 1 करोड़ 39 लाख लोग आटा-दाल स्कीम का लाभ ले रहे हैं। विभाग ने सबसे पहले मोहाली में पिछले साल के अंत में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था।
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वहीं आटा-दाल स्कीम के सभी लाभपात्रियों का आधार लिंक किया गया। उसके बाद आधार नंबर और सारा डाटा ई-पॉस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों में फीड किया गया। मोहाली में पिछली बार सभी लाभपात्रों को बायोमीट्रिक पड़ताल के जरिए गेहूं दिया गया। अब विभाग ने पूरे पंजाब में इसे लागू करने की कवायद शुरू कर दी है।

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राशन कार्ड - फोटो : अमर उजाला
फूड सप्लाई विभाग ने इस काम की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की तीन कंपनियां भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और बेसिल पीएसयू को सौंपी थी। लेकिन सिर्फ बेसिल ही मैदान में डटी रही। इसी कंपनी ने मोहाली में प्रोजेक्ट लागू किया है। इसके लिए विभाग ने अपने फूड सप्लाई इंस्पेक्टरों को एक-एक ई-पॉस मशीन दी है। वे अपने इलाके के सारे राशन डिपो पर एक-एक करके गेहूं वितरण करते हैं।
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राशन कार्ड - फोटो : फाइल फोटो
जिस इलाके में गेहूं बांटा गया, वहां के धार्मिक स्थलों से पहले ही अनाउंसमेंट करवा दिया गया था। कुछ ही दिनों में सारे डिपो कवर हो गए थे। मोहाली की सफलता के बाद विभाग ने पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और मानसा में इसे लागू करने की कवायद शुरू कर दी है। 31 मार्च तक सभी जिलों में इसे लागू कर दिया जाएगा। उसके बाद लाभपात्री किसी भी राशन डिपो से अपनी बायोमीट्रिक पहचान देकर अपने हिस्से का राशन ले सकेगा।
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राशन कार्ड
अब तक सिर्फ गेहूं मिला
कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद लाभपात्रों को गेहूं, दाल के साथ चीनी और चाय की पत्ती देने का एलान किया था। लेकिन आर्थिक तंगी से जूझ रही सरकार अब तक  सिर्फ गेहूं ही दे सकी है। एक लाभपात्री को हर महीने पांच किलो गेहूं दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से दिया जाता है। एक बार में छह माह का गेहूं दिया जा रहा है।
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राशन कार्ड - फोटो : amar ujala
बायो-मीट्रिक पहचान से राशन वितरण का पायलट प्रोजेक्ट मोहाली में सफल रहा है। 31 मार्च तक इसे पूरे पंजाब में लागू कर दिया जाएगा।
- केएपी सिन्हा, प्रमुख सचिव, फूड सप्लाई विभाग
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