कांग्रेस के सबसे दिग्गज नेता रणदीप सुरजेवाला का ऐसा किस्सा पहली बार आप सुनेंगे। ये किस्सा एक बदमाश कंपनी से शुरु होता है।
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रणदीप सुरजेवाला
- फोटो : AmarUjala
3 जून 1967 को जन्मे रणदीप सिंह सुरजेवाला 50 साल के हो चुके हैं, लेकिन इन पचास सालों में सुरजेवाला की सुबह आज जैसी नहीं रही। एक बदमाश कंपनी का साया सुरजेवाला के पीछे पड़ा था। सुरजेवाला हरियाणा के कैथल से कांग्रेस के विधायक हैं। इनके पिता का नाम शमशेर सिंह सुरजेवाला तो माता का नाम विद्या है, तीन बड़ी बहनें मधु दलाल, पूनम चौधरी और नीरू हैं।
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Vardah
- फोटो : ANI
रणदीप की प्रारंभिक शिक्षा नरवाना के आदर्श बाल मंदिर व आर्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई। 1985 में डीएवी स्कूल से बीकॉम करने के बाद 1988 में पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से एलएलबी की और फिर यहीं से राजनीति विज्ञान में एमए की।
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randeep surjewala
- फोटो : ani
इनके पिता शमशेर सिंह सुरजेवाला 1967, 1977, 1982, 1991 और 2005 में हरियाणा विधानसभा के, जबकि 1993 में संसद सदस्य रहे। इन्होंने 6 बार हरियाणा विधानसभा के लिए चुनाव लड़े- 1993 उप चुनाव, 1996, 2000, 2005, 2009 व 2014 में। 1996 और 2005 चुनावों में उन्होंने ओम प्रकाश चौटाला को हराया, जो तत्कालीन मुख्यमंत्री थे।
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सुरजेवाला
- फोटो : amar ujala
मार्च 2005 में रणदीप को यातायात व नागरिक उड्डयन, जन निर्माण विभाग (जलापूर्ति व सैनीटेशन) और संसदीय कार्यों के विभाग देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इन्हें हरियाणा के सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री बनाया। लेकिन सुरजेवाला का राजनीति वाला सफर एक वजह से और चर्चाओं में रहा, वो वजह है बदमाश कंपनी का अंत।
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geong
एक वक्त था, कैथल में शाम के 7 बजे के बाद शरीफ लोगों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था। फिर प्रशासन के साथ यहां के राजनेता रणदीप सुरजेवाला के तालमेल के चलते आतंक का दूसरा नाम बने नामी बदमाश सुरेंद्र ग्योंग गैंग की आपराधिक गतिविधियां बंद होने लगी तो दोनों में रंजिश बन गई।
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geong
वैसे तो रणदीप सुरजेवाला और बदमाश कहे जा रहे सुरेंद्र की रंजिश बरसों पुरानी थी, लेकिन बात उस वक्त और बड़ी हो चली, जब गिरफ्तारी के बाद 23 मई 2016 को मकान की रिपेयर करवाने की दलील के साथ कुख्यात बदमाश सुरेंद्र ग्योंग को रोहतक के मंडल आयुक्त द्वारा पैरोल दे दी गई। लेकिन बाद में वो फरार हो गया
इसके बाद कैथल के कांग्रेस विधायक रणदीप सुरजेवाला को भी सुरेंद्र ग्योंग ने जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके बाद सुरजेवाला पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट चले गए थे। 8 अप्रैल 2017 को एन्काउंटर में मारे गए सुरेंद्र ने 70 वर्षीय पिता ईश्वर सिंह को बता दिया था कि 'सुरजेवाला पुलिस के साथ मिलकर कोई मेरे खिलाफ साजिश रच रहा है।'