38 दिन से फरार राम रहीम की हनीप्रीत को 15 मिनट में दबोच लिया गया। इसके लिए पुलिस ने सोच समझकर ऐसी स्क्रिप्ट लिखी कि वह सोचती रह गई, क्या हुआ कैसे हुआ।
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हनीप्रीत
- फोटो : self
मंगलवार सुबह एक न्यूज चैनल पर हनीप्रीत के इंटरव्यू ने हड़कंप मचा दिया था। उसके बाद शुरू हुई हनीप्रीत के सरेंडर करने की बात। इस जानकारी ने पुलिस विभाग में सनसनी तो फैला ही दी थी, फिर शुरू हुई उसे दबोचने की तैयारी। पुलिस ने हनीप्रीत की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर जगह-जगह नाके लगाकर वाहनों की सघन तलाशी शुरू कर दी गई।
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हनीप्रीत
कोर्ट परिसर से लेकर पंचकूला के सेक्टर 20, सेक्टर पांच का पुलिस थाना छावनी में तब्दील कर दिया गया। लेकिन पंचकूला पुलिस के पास हनीप्रीत के लोकेशन की कोई सूचना नहीं थी। इस बीच लगभग 2:45 बजे डीसीपी कार्यालय में एक मैसेज आया और इसके बाद एसीपी मुकेश मल्होत्रा पुलिसकर्मियों के साथ जीरकपुर की तरफ निकल पड़े। और तीन बजकर दस मिनट पर पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हनीप्रीत की गिरफ्तारी की सूचना दी।
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हनीप्रीत
हनीप्रीत को लेकर पंचकूला के सीपी कार्यालय में भी काफी गहमागहमी रही। सीपी पंचकूला एएस चावला लगभग साढ़े ग्यारह बजे अपने कार्यालय से निकले और हनीप्रीत के गिरफ्त में आने के बाद ही कार्यालय लौटे। पुलिस मुख्यालय के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस चाहती थी कि हनीप्रीत कोर्ट में सरेंडर न कर पाए। उसे गिरफ्त में लेकर पुलिस अपनी खाल बचाने के लिए हरकत में नजर आई।
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Honeypreet Insan Arrest
हरियाणा पुलिस का कहना है कि हनीप्रीत को मंगलवार दोपहर बाद करीब तीन बजे जीरकपुर से दो किलोमीटर दूर जीरकपुर-पटियाला रोड पर एक गुरुद्वारे के पास स्थित रिजॉर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया गया। हनीप्रीत इनोवा कार में सवार होकर पटियाला की तरफ जा रही थी। पुलिस ने उसके साथ कार में सवार एक अन्य महिला को भी गिरफ्तार किया है। महिला का नाम सुखदीप है और वह बठिंडा की रहने वाली है।
पंचकूला के पुलिस आयुक्त एएस चावला ने कहा कि हनीप्रीत के चंडीगढ़ के आसपास होने की सूचना मिली थी। तीन एसीपी मुकेश मल्होत्रा, मनीष सहगल और लांबा सहित एक डीसीपी उसकी धरपकड़ में जुटे थे। दोपहर बाद एसआईटी के प्रभारी एसीपी मुकेश मल्होत्रा ने हनीप्रीत को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पंजाब पुलिस को इसकी जानकारी देकर उसकी कस्टडी ली गई। पुलिस आयुक्त ने कहा कि पंजाब पुलिस से छापेमारी, सबूत और गवाह जुटाने में हर मदद मिली।