20 साल की सजा काट रहे राम रहीम से 20 दिन बाद मां मिलने के लिए और वो भी सिर्फ 20 मिनट के लिए। जानिए इस दौरान दोनों के बीच क्या बातें हुईं।
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राम रहीम से मिलने आई मां
साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में सुनारिया जेल में बीस साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से वीरवार को उनकी मां नसीब कौर मिलने पहुंची। जेल में नसीब कौर ने करीब बीस मिनट तक डेरामुखी से बातचीत की। बातचीत में डेरामुखी ने मां से पूछा कि डेरा कैसा चल रहा है। इस पर मां ने जवाब दिया कि बेटा सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है। दोनों की इंटरकॉम फोन के जरिये बातचीत हुई।
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राम रहीम से मिलने आई मां
सूत्रों के अनुसार डेरामुखी की मां नसीब कौर राजस्थान के गंगानगर से राजस्थान नंबर की मारूती करेजा कार से चालक पंजाब के बटिंडा स्थित भारतनगर निवासी इकबाल के साथ शाम तीन बजकर दस मिनट पर सुनारिया जेल पहुंची। उनके साथ सुरक्षाकर्मियों की दो अन्य गाड़ियां थी। जेल रास्ते पर लगे पुलिस और पैरा मिलिट्री के संयुक्त नाके पर नसीब कौर की कार को जांच के लिए रुकवाया गया। यहां पर वीडियोग्राफी करते हुए कार की चेकिंग की गई।
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राम रहीम
मां को देखकर भर आई डेरामुखी की आंखें
अपनी घिनौनी करतूत के कारण जेल की चारदीवारी में सजा काट रहे राम रहीम को जब मुलाकात कक्ष में लाया गया तो मां को देखकर उसकी आंखें भर आई। डेरामुखी को देखकर उसकी मां भी रोने लगी। करीब पांच मिनट तक दोनों आंखों में आंसू लेकर बातचीत करते रहे। बाद में डेरा मुखी ने मां से डेरे में बारे में पूछा। नसीब कौर ने कहा कि वैसे तो सभी लोग फिलहाल राजस्थान में है। लेकिन डेरे में सारा काम काज सामान्य है। मां ने बताया कि कुछ दिन पहले ही डेरे में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन भी चलाया था।
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Ram Rahim
खाने पीने और कपड़ों से भरी पड़ी थी कार
जिस कार में डेरामुखी की मां जेल पहुंची थी वह प्लास्टिक के बैग से भरी पड़ी थी। किसी बैग में कपड़े थे तो किसी ने फल और मेवे थे। पुलिस व पैरा मिलिट्री के संयुक्त नाके पर चेकिंग के बाद कार को जाने दिया गया। लेकिन रास्ते में दूसरे नाके पर कार को रोक दिया गया। बुजुर्ग होने के कारण नसीब कौर पैदल नहीं चल सकी। इसके बाद दो पुलिस कर्मी उन्हें जेल तक लेकर पहुंचे। कार में रखे सामान को भी जेल कर्मियों ने ही पहुंचाया।
सामान्य कैदियों की मुलाकात बंद होने के बाद पहुंची नसीब कौर
सामान्य कैदियों की मुलाकात का समय खत्म होने के बाद ही नसीब कौर जेल में पहुंची थी। ताकि सुरक्षा को लेकर कोई चूक न हो। सामान्य कैदियों की मुलाकात का समय सुबह आठ बजे से दोपहर बारह बजे तक होता है। जब राम रहीम को मुलाकात के लिए बैरक से बाहर निकाला गया तो सभी कैदियों को अपने बैरक में बंद कर दिया गया। भारी सुरक्षा के बीच राम रहीम को मुलाकात कक्ष में लाया गया। इस मुलाकात की वीडियोग्राफी करवाई गई।