इस बार रक्षाबंधन के दिन चार साल बाद एक ऐसा शुभ संयोग बन रहा है, कि बहनों को राखी बांधने को 11 घंटे मिलेंगे। वहीं डेढ़ घंटा भूलकर भी न करें एक काम, ताकि शुभ फल प्राप्त हो।
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श्रावण मास की पूर्णिमा को यह पर्व मनाया जाता है। इस बार त्योहर 26 अगस्त दिन रविवार को है। चंडीगढ़ में सेक्टर-30 स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र कहते हैं कि चार साल बाद ऐसा हो रहा है कि राखी के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। भद्रा रक्षाबंधन से पहले ही खत्म हो जाएगी।
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- फोटो : rakhi
मिश्र ने बताया कि भद्रा खत्म होने के कारण ही बहनों को इस बार 11 घंटे राखी बांधने के लिए मिलेंगे। धनिष्ठा नक्षत्र होने के कारण सूर्योदय के बाद देर शाम तक राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा। लेकिन 26 अगस्त को शाम 4:30 से शाम 6 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसलिए इस अवधि में राखी न बांधें।
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राखी
मिश्र ने बताया कि 25 अगस्त शनिवार को दोपहर 2:25 बजे ही लग जाएगी। यह 26 अगस्त शाम 4:16 बजे तक रहेगी। भद्रा 25 अगस्त को दोपहर 2:25 से प्रारंभ और देर रात्रि 3:21 तक होगी। इसलिए 26 अगस्त को प्रात: काल से दिनभर रक्षाबंधन और ब्राह्मणी का श्रावणी उपाकर्म मनाया जाएगा।
मिश्र ने बताया कि रक्षाबंधन का सर्वश्रेष्ठ काल दोपहर 1:14 बजे से 3:46 मिनट तक होगा। इसलिए राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारते समय बहनों को एक मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। इससे भाइयों को शुभ फल प्राप्त होगा। मंत्र है- येन बद्धो बलि: राजा दानवेंद्रो महाबल:। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।