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जाट आरक्षण आंदोलन का 5वां दिन, देखिए ये क्या हो रहा है धरनास्थल पर?

Fri, 03 Feb 2017 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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जाट आरक्षण आंदोलन
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन शुरू हुए 5 दिन हो गए हैं। धरनास्थल पर हजारों की संख्या में लोग जुटे हुए हैं, लेकिन देखिए वहां पर ये क्या हो रहा है?
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जाट आरक्षण आंदोलन
वीरवार को धरने के पांचवे दिन जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर जींद की जाट धर्मशाला में टकराव हो गया। पत्रकार वार्ता करने पहुंचे सूबे सिंह समैण का जाट नेताओं ने जमकर विरोध किया। इस दौरान जाटों ने कौम के गद्दार होने के नारे लगाए। सुबे सिंह समैण के समर्थकों ने भी दूसरे पक्ष के खिलाफ यशपाल मलिक के गुर्गे होने के नारे लगाए।
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जाट आरक्षण आंदोलन
इससे पहले बुधवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक जसिया पहुंचे, जिन्होंने सरकार के तरफ से राष्ट्र सुरक्षा कानून लगाए जाने पर आपत्ति जताई और सरकार को मांगें न माने जाने की स्थिति में प्रदेश में धरनों की संख्या बढ़ने की चेतावनी दी। मलिक ने कहा कि धरनास्थलों पर संख्या बढ़ाओ, रागिनी सुनो, हलवा खाओ और रात को भी यहीं पर सो जाओ, ताकि सुरक्षाबलों को तीन शिफ्ट में ड्यूटी करनी पड़े।

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जाट आरक्षण आंदोलन
यशपाल मलिक ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि यदि जाट समाज की मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश भर में 300 जगह धरने शुरू कर दिये जाएंगे। सभी धरनों का केंद्र जसिया को बनाया जाएगा। मलिक बुधवार को रोहतक-पानीपत राजमार्ग के किनारे जसिया में चल रहे धरना स्थल पर पहुंचे थे। मलिक ने धरना स्थल से 36 बिरादरी की एकता का भी संदेश दिया। अब यशपाल मलिक 4 फरवरी को इक्कस गांव में धरना स्थल पर पहुंचेंगे।
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तीसरे दिन भी धरने पर डटे रहे जाट - फोटो : अमर उजाला
जसिया में जाट समाज के धरने पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए यशपाल मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार शांतिपूर्ण धरने पर बैठे समाज के लोगों को बार-बार धमकियां देकर डराने और भड़काने का काम कर रही है। यदि सरकार ने अपनी नीति नहीं बदली तो प्रदेश के सभी गांवों की सड़कों पर धरना शुरू कर दिया जाएगा। फिर सरकार कहां-कहां फोर्स तैनात करेगी? उन्होंने कहा कि यह अन्याय के विरुद्ध न्याय का युद्ध है।
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जसिया में जाट समाज के धरने पर पहुंचे यशपाल मलिक ने चेताया - फोटो : अमर उजाला
सरकार से बातचीत करने के मुद्दे पर मलिक ने कहा कि वह हमेशा बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार मांगों को मानें तो। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की करतूतों के बारे में उन राज्यों में टीमें भेजकर प्रचारित किया जा रहा है, जहां पर विधानसभा के चुनाव होने हैं। मलिक ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज 125 विधानसभा सीटों को प्रभावित करता है। भाजपा वहां से पांच सीटें भी जीतने की स्थिति में नहीं है।
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जसिया में जाट समाज के धरने पर पहुंचे यशपाल मलिक ने चेताया - फोटो : अमर उजाला
इसी बीच धरना स्थल पर सीआरपीएफ के एक जवान को वीडियो बनाते पकड़ा गया। उसके साथ आंदोलनकारियों ने हाथापाई भी की, वहीं बाद में उसे एडीसी प्रदीप कुमार के हवाले कर दिया गया। इस मसले पर गुरुवार को फिर से प्रशासन के साथ समझौते पर चर्चा हुई और जाट नेताओं ने प्रशासन को चेताया कि अगर दोबारा से समझौता टूटा, प्रशासन का कोई व्यक्ति धरनास्थल पर ऐसी हरकत करते पाया गया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।

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Jat reservation - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि 29 जनवरी को प्रदेश के 19 जिलों में जाट आरक्षण समेत 6 मांगों को मनवाने के लिए धरने शुरू हुए थे, जिनका मुख्यालय रोहतक के जसिया में बनाया गया है। हरियाणा के 22 में से 19 जिलों में यह आंदोलन हो रहा है। इनमें अम्बाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, झज्जर, पानीपत, फतेहाबाद, फरीदाबाद, भिवानी, महेंद्रगढ़, यमुनानगर, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, हिसार, पलवल, दादरी शामिल हैं।
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प्रदेश के 19 जिलों में चल रहे धरनास्थलों पर दूसरे दिन शांति - फोटो : अमर उजाला
ये 6 मांगें हैं जाटों की: केन्द्र और राज्य में जाटों को आरक्षण दिया जाए। फरवरी 2016 के आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवार वालों और घायलों को मुआवजा दिया जाए। मारे गए लोगों के आश्रितों को नौकरी दी जाए। दर्ज किए मुकदमे वापस लिए जाएं। दोषी अफसरों पर कार्रवाई की जाए। सांसद सैनी की स्पीच की जांच करने के बाद उनकी संसद से मेंबरशिप रद्द की जाए। आंदोलन के दौरान जेल भेजे गए जाटों को रिहा किया जाए।
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