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देश के लिए पंजाब का बेटा शहीद, बाप बेसुध...और बहू बेहोश

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पंजाब के एक और जवान ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। बेटे की शहादत की खबर मिलते ही चारों ओर आंखें नम हो गईं। तस्वीरों में देखिए, इस बहादुर बेटे को।
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देश के लिए पंजाब का बेटा शहीद, बाप बेसुध...और बहू बेहोश

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ये बहादुर है पठानकोट के गांव अखवाना निवासी मंजीत सिंह। मंजीत सिंह गत दिवस मणिपुर के चंदेल जिले में सेना के काफिले पर किये हमले में अपने 19 साथियों सहित शहादत का जाम पी गया।
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जब मंजीत सिंह के परिवार को उसके शहीद होने की सूचना मिली तो वह दुख से भर उठे। माता तृप्ता को इस बात पर विश्वास ही नहीं हुआ। मंजीत सिंह की डेढ़ वर्ष पहले काजल गुलेरिया से शादी हुई थी। पति की शहादत का समाचार सुनकर वह बेसुध हो गई।

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गम के सागर में डूबे शहीद के पिता ठाकुर शाम सिंह ने बताया कि उसका 27 वर्षीय बेटा मंजीत दिसंबर 2007 को सेना की 6 डोगरा यूनिट में भर्ती हुआ था। उसकी यूनिट का तबादला चंडीगढ़ हो गया था।
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वह दो दिन बाद ही छुट्टी पर आने वाला था। उसने दो दिन पहले फोन पर कहा था कि वह घर आकर अपनी बहन शिवानी की शादी तय कर उसे बिदा करेगा। उन्होंने बताया कि उसका छोटा बेटा संदीप सिंह भी सेना में है। उन्होंने कहा कि मुझे अपने बेटे की शहादत पर गर्व है।
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शहीद के पिता शाम सिंह तथा माता तृप्ता देवी ने बताया कि उनका बेटा राजपूत स्कूल सुजानपुर से 12वीं की शिक्षा ग्रहण करने के उपरांत 2007 में भर्ती होकर देश की सेवा में जुट गया था। अभी उसकी उम्र 27 वर्ष ही थी। 2 भाइयों में मनजीत सिंह बड़ा था, जबकि छोटा भाई संदीप भी आर्मी में ग्लेशियर में तैनात है
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शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविन्द्र सिंह विक्की व संरक्षक एनपी सिंह ने शहीद परिवार का दुख बांटा। वहीं उन्होंने केन्द्र से अपील करते हुए कहा कि यदि सरकार ने आतंकवादियों का फन कुचलने के लिए कोई ठोस रणनीति न बनाई तो इस प्रकार शुरवीरों की शहादत का सिलसिला जारी रहेगा।
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