'अजान' को लेकर ट्वीट करके विवादों में फंसे सिंगर सोनू निगम की एक मुश्किल कम हुई तो दूसरी खड़ी हो गई। जानिए अब वे क्या करेंगे।
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सोनू निगम के सपोर्ट में उतरे कुमार विश्वास
- फोटो : सोशल मीडिया
सोनू निगम के खिलाफ अजान मामले में अब पानीपत कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। सीजेएम हर्षाली चौधरी की अदालत में मंगलवार को सोनू निगम के खिलाफ शिकायतकर्ता एडवोकेट मोमिन मलिक ने बयान दर्ज कराए। उन्होंने इस संबंध में अपने सुबूत भी सौंपे। शिकायतकर्ता ने सबूत के तौर पर सोनू निगम के ट्विटर अकाउंट से अजान को लेकर किए गए ट्वीट का रिकॉर्ड अदालत को सौंपा है।
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सोनू निगम के सपोर्ट में उतरे कुमार विश्वास
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि मस्जिदों में लाउड स्पीकर पर अजान की आवाज के खिलाफ गायक सोनू निगम ने विवादित ट्वीट किया था। इस पर एडवोकेट मोमिन मलिक ने 19 अप्रैल को सोनू निगम के खिलाफ एक क्रिमिनल कंप्लेंट (याचिका) दर्ज कराई थी। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए 2 मई 2017 को सबूत पेश करने के आदेश दिए थे। एडवोकेट मलिक ने बताया कि कोर्ट में बयान दर्ज करा दिए हैं।
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अब सोनू निगम का मौलवी को चैंलेज
- फोटो : SELF
उन्होंने कहा कि संविधान में सभी धर्मों को बराबरी का अधिकार है। पूजा करने और नमाज पढऩे का अधिकार है। मलिक ने अदालत को थाने की रिपोर्ट की प्रतिलिपि भी सौंपी। इस मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी। वहीं सोनू निगम के लिए एक अच्छी खबर है। उनको हाईकोर्ट ने क्लीन चिट दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि लाउड स्पीकर से अजान मुस्लिम धर्म का अभिन्न अंग नहीं है। जब इस्लाम की स्थापना हुई तो बिजली माइक्रोफोन नहीं थे।
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सोनू निगम
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में बॉलीवुड के मशहूर प्ले बैक सिंगर सोनू निगम को क्लीन चिट देते हुए कहा कि सोनू निगम के ट्वीट की समीक्षा से पता चलता है कि उन्होंने अजान को नहीं बल्कि लाउड स्पीकर के प्रयोग को गुंडागर्दी करार दिया था। इससे पूर्व सोमवार को जस्टिस एमएमएस बेदी ने सोनू निगम के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया।
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SONU NIGAM
इस मामले में अब जारी हुए विस्तृत आदेशों में हाईकोर्ट ने कहा कि सोनू निगम की ओर से किए गए सभी ट्वीट की जांच के बाद यह तथ्य सामने आ रहा है कि उन्हें बलि का बकरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरह के किए गए प्रयासों पर रोक लगाया जाना बेहद ही जरूरी है। संविधान की प्रस्तावना के तहत एकता, अखंडता और भाईचारे की जिस भावना को संरक्षित किए जाने की बात कही गई है, उसे बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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सोनू निगम
हाईकोर्ट ने कहा कि सोनू निगम पर सोनीपत में रिप्रजेंटेशन के माध्यम से लगाए आधारहीन आरोपों पर पुलिस को किसी भी तरह के निर्देश दिए जाने की जरूरत नहीं है। हाईकोर्ट ने आदेशों में कहा कि अजान मुस्लिम धर्म का अभिन्न अंग है और यह सुबह की प्रार्थना के लिए सभी को आमंत्रित करने का जरिया है। अजान के लिए सभी को बुलाने के लिए लाउड स्पीकर पर अजान को इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं माना जा सकता।
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सोनू निगम
सुप्रीम कोर्ट व विभिन्न हाईकोर्ट की लाउड स्पीकर पर दी गई जजमेंट केहवाले के साथ जजमेंट में लाउड स्पीकर को लेकर स्थिति स्पष्ट की। हाईकोर्ट ने कहा कि जो भी शब्द इस्तेमाल किए गए वे अजान को लेकर नहीं थे बल्कि लाउड स्पीकर को लेकर थे और इन शब्दों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत होने वाली नहीं हैं।
बता दें कि आस मोहम्मद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सोनू निगम के ट्वीट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने एडवोकेट एमडी खान और एडवोकेट रोज़ी के माध्यम से सोनू निगम के ट्वीट पर कार्रवाई के लिए एसपी सोनीपत को आदेश दिए जाने और याचिकाकर्ता की धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा की हाईकोर्ट से मांग की थी।