फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाते-जाते टीचर्स को जख्म दे गया 2014, तस्वीरें

Tue, 30 Dec 2014 04:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
विज्ञापन
1 of 9
जाते-जाते साल 2014 टीचर्स को फिर जख्म दे गया। साल भर टीचर्स अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे, मिली तो बस लाठियां और धक्के।
विज्ञापन

जाते-जाते टीचर्स को जख्म दे गया 2014, तस्वीरें

2 of 9
मोहाली में टीचर्स के साथ पुलिस ने फिर बेदर्द व्यवहार किया और धक्का-मुक्की की। मामला था अपनी मांगों को लेकर शिक्षामंत्री का घेराव करने का।
विज्ञापन

जाते-जाते टीचर्स को जख्म दे गया 2014, तस्वीरें

3 of 9
एक्लूसिव एजुकेशन वालंटियर (स्पेशल टीचर्स) ने मोहाली के फेज 8 स्थित शिक्षा विभाग के बाहर शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा का घेराव करने की कोशिश की। टीचर जैसे ही चीमा की गाड़ी तक पहुंचे। पुलिस उन्हें रोकने के‌ लिए आगे बढ़ी। इस दौरान पुलिस की टीचर्स से हाथापाई और धक्कामुक्की हो गई।

जाते-जाते टीचर्स को जख्म दे गया 2014, तस्वीरें

4 of 9
कार्रवाई करते हुए पुलिस करीब 50 टीचर्स को जबरन उठाकर फेज 8 के थाने ले गई। इसमें काफी संख्या में लेडी टीचर्स थीं।
विज्ञापन

जाते-जाते टीचर्स को जख्म दे गया 2014, तस्वीरें

5 of 9
पुलिस ने आठ अध्यापक नेताओं के खिलाफ वीसी के आदेश का उल्लंघन करने और सड़क पर जाम लगाने का मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन

जाते-जाते टीचर्स को जख्म दे गया 2014, तस्वीरें

6 of 9
एक्लूसिव एजुकेशन वालंटियर (स्पेशल टीचर्स) 40 दिनों से शिक्षा विभाग के बाहर संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन, सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है।
विज्ञापन

जाते-जाते टीचर्स को जख्म दे गया 2014, तस्वीरें

7 of 9
इसी बीच टीचरों को पता चला कि सोमवार को शिक्षामंत्री डीजीएसई आफिस में अधिकारियों की मीटिंग लेने आए हुए हैं। टीचरों ने यहां शिक्षामंत्री का घेराव करने की योजना बनाई।

जाते-जाते टीचर्स को जख्म दे गया 2014, तस्वीरें

8 of 9
टीचर्स का कहना है कि वे सात साल से काम कर रहे हैं। सिर्फ 4500 रुपये मासिक वेतन सरकार द्वारा दिया जाता है। पिछले नौ महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है। वे अपनी बात सरकार द्वारा पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए उन्हें इस रास्ते पर आना पड़ा है।
विज्ञापन

जाते-जाते टीचर्स को जख्म दे गया 2014, तस्वीरें

9 of 9
कुछ दिन पहले इन्हीं टीचरों ने शहर में शांतमय तरीके से रोष मार्च निकाला था। फेज-7 में जाकर टीचरों ने भीख मांगी थी। साथ ही लोगों की गाड़ियों के शीशे साफ किए थे। टीचरों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती हैं। तब तक उनका संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें