रिमांड के दौरान पुलिस के हाथ हनीप्रीत का एक बैग लगा, जिसमें बहुत सी चीजें थीं। करोड़ों की प्रॉपर्टी के कागजात भी थे, जिनका राज जानने की कवायद चल रही है।
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पंचकूला कोर्ट में हनीप्रीत
जब पुलिस हनीप्रीत को राम रहीम के पैतृक गांव गुरसर मोडिया लेकर गई तो वहां एक घर से उसने पुलिस को एक बैग बरामद कराया। इस बैग में दर्जनों प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां थी, जो हनीप्रीत के नाम है। इसके अलावा बड़ी संख्या में डेबिट और क्रेडिट कार्ड, हनीप्रीत की डिग्रियां व अन्य दस्तावेज मिले हैं। जिन्हें कब्जे में ले लिया गया। पुलिस के मुताबिक इस प्रॉपर्टी का अभी सही आकलन तो नहीं लग पाया, लेकिन इतना तय है कि रजिस्ट्रियों के हिसाब से जमीन करोड़ों रुपये की है।
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राम रहीम की 'लाडली' हनीप्रीत
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हनीप्रीत से पिछले नौ दिनों के रिमांड के दौरान एक मोबाइल फोन और कुछ जरूरी कागजात बरामद हुए हैं। कागजात में पुलिस के हाथ गुरमीत राम रहीम की फेक मेडिकल रिपोर्ट लगी है। जिसके आधार पर 25 अगस्त को गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद हनीप्रीत हेलीकाप्टर में बैठकर पंचकूला से रोहतक तक गई थी। साथ जाने का कारण बताया गया था कि राम रहीम मेडिकली अनफिट है और उसे अटेंडेंट की जरूरत है, इसी का फर्जी मेडिकल लगाया गया।
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Honeypreet Insan Arrest
सूत्रों के अनुसार, पंचकूला में आगजनी और हिंसा से जुड़े कई राज लैपटॉप में दफन हैं। लैपटॉप में 25 अगस्त के उपद्रव की योजना, नक्शे, मेंबरों की ड्यूटियां व इसके अलाव कई अहम जानकारियां सेव हैं। शुक्रवार को जांच में शामिल होने आई विपासना ने हनीप्रीत का आईफोन एसआईटी को सौंप दिया। इस फोन में फिंगर सिक्योरिटी लॉक है। हालांकि एक बार फोन को हनीप्रीत से अन लॉक कराकर चेक किया गया तो उसमें से डाटा टेंपर मिला।
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Honeypreet Insan Arrest
वहीं आईफोन के आई क्लाउड का डाटा भी टेंपर था। जब हनीप्रीत से डाटा टेंपर के बारे में पूछा गया तो उसने किसी तरह की जानकारी होने से इंकार किया। हनीप्रीत ने कहा कि पता नहीं है कि डाटा कैसे टेंपर हुआ। पुलिस के मुताबिक डाटा को रिकवर करने के लिए आई फोन को साइबर लैब में भेज दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, 25 अगस्त को डेरा प्रमुख के साथ रोहतक जेल जाने के बाद हनीप्रीत डेरे में गई थी।
इस दौरान ही विपासना के पास हनीप्रीत ने मोबाइल, लैपटॉप और डायरी सहित कुछ अहम दस्तावेज भी छोड़े थे। हनीप्रीत ने रिमांड के दौरान पुलिस को जितनी जानकारी दी, उन सभी सवालों के जवाब शुक्रवार को विपासना से भी पूछे गए। विपासना से पहले अलग जबकि बाद में हनीप्रीत के सामने बिठाकर पूछताछ हुई। विपासना चंडीमंदिर थाने में करीब नौ घंटे तक रहीं। शाम करीब आठ बजे पूछताछ के बाद विपासना को छोड़ दिया।