सरकारी स्कूलों में बच्चे पढ़ाई करने की बजाय बर्तन मांजते हैं और साफ-सफाई करते हैं। यह मामला सामने आया है हरियाणा के एक सरकारी स्कूल में।
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शर्मनाक! देखिए स्कूल में पढ़ने की बजाय बर्तन धो रहे बच्चे
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हरियाणा के गोहाना से सटे गांव गढ़ी सराय नामदार खां के प्राथमिक स्कूल में बच्चे मिड डे मील के बर्तन धोते देखे गए। जब इस बात का पता अभिभावकों को चला तो उन्होंने विद्यालय जाकर विरोध जताया और जमकर हंगामा किया।
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आरोप है कि अभिभावकों की शिकायत पर उल्टे कुक ही परिजनों को हड़काने लगा। इतना ही नहीं जब मीडिया मौके पर पहुंची तो कैमरा तक छीनने का प्रयास किया गया। पूरे मामले में डीईओ परमेश्वरी हुड्डा ने जांच की बात कही है।
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अभिभावकों ने बताया कि इस स्कूल के अध्यापक पिछले काफी समय से बच्चों से बर्तन धुलवाते हैं। इसके अलावा बच्चों से स्कूल की सफाई कराई जाती है और मैदान में लगी घास तक उखड़वाते हैं। एक दिन पहले उन्होंने स्कूल के प्राचार्य से इसके बारे में बातचीत की तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन और कुक से इसके बारे में बातचीत की तो कुक ने उल्टा उन्हें ही डांटना शुरू कर दिया। जबकि प्राचार्य ने बाहर जाने के लिए कहा। उनकी मांग है कि स्कूल में बच्चों से बर्तन न धुलवाएं जाएं और जिम्मेदार शिक्षकों व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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वहीं, जब स्कूल में खाना बनाने वाली कुक से मीडिया ने उसका पक्ष जानना चाहा तो उसने पक्ष रखने की बजाय मीडिया को बाहर निकल जाने को कहा। कुक ने कहा कि अगर ज्यादा काम कराना है तो उसका मासिक वेतन बढ़ाया जाए। जब तक पूरा मासिक वेतन नहीं मिलेगा तब तक ऐसे ही चलेगा।
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मामले के बारे में मीडिया ने जब प्राचार्य राजेश जागलान ने बताया कि मैं इसके बारे में कुछ नहीं बता सकता। अगर आपको इसके बारे में कुछ पूछना है तो अधिकारियों से पूछें। इसके अलावा आपको स्कूल में सीधे आने का कोई अधिकार नहीं है और आप स्कूल से बाहर निकल जाएं।