फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तनाव लेती हैं तो सावधान, इस घातक बीमारी के खतरे में हैं आप, देखिए लक्षण

Sat, 23 Sep 2017 09:02 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 7
तनावग्रस्त लड़की
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं को कई तरह की बीमारियां जकड़ लेती हैं। अगर आप तनाव लेती हैं तो इन लक्षणों को देखिए, गंभीर बीमारी होने का खतरा हो सकता है।
विज्ञापन

2 of 7
तनावग्रस्त लड़की
पॉलीसिस्टक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं की एक गंभीर बीमारी है। इससे पीड़ित होने के बाद महिलाओं में मेल हार्मोन एक्टिव होते हैं। पीरियड का अनियमित होना, मर्दो की तरह बाल आना, बालों का झड़ना, मोटापा बढ़ना, गर्भधारण न करना जैसे लक्षण आते हैं। इससे महिलाएं तनाव में आती हैं।
विज्ञापन

3 of 7
तनावग्रस्त लड़की
फिर महिलाओं को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। इससे मुश्किलें और बढ़ती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए पीजीआई की ओपीडी में स्थित रूम नंबर 2060 एक उम्मीद दिखाता है। यहां पर आने के बाद महिलाएं जब रूम से जाती हैं तो उनके चेहरे पर खुशी और सुकून देखने वाला होता है।

 

4 of 7
तनावग्रस्त लड़की
यहां पर महिलाओं को पीसीओएस से मुक्ति मिलती है। वीरवार को ऐसी कई महिलाओं के अनुभव पीजीआई में आयोजित पीसीओएस के सेमिनार में पेश किए गए। रूम नंबर 2060 में बैठने वाली ईश्वरप्रीत कौर ने बताया कि इसके ठोस कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। लेकिन कुछ स्टडीज में सामने आया है कि इसके पीछे जेनेटिक, लाइफ स्टाइल का बिगड़ना और जंक फूड का खाना।
विज्ञापन

5 of 7
तनावग्रस्त लड़की
पीसीओएस का एक कारण तनाव भी है। इससे महिलाओं में हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है। और वह पीसीओएस का शिकार होने लगती हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव महिलाओं के गर्भधारण पर पड़ता है। वे गर्भधारण नहीं कर पाती हैं। कई महिलाओं के चेहरे पर मर्दो की तरह दाढ़ी और मूंछ आने लगती हैं।

 
विज्ञापन

6 of 7
तनावग्रस्त लड़की - फोटो : डेमो फोटो
ईश्वरप्रीत कौर ने बताया कि मरीजों को गाइनी ओपीडी से 2060 में रेफर किया जाता है। रूम में महिलाओं को विशेष तरह की एक्सरसाइज के बारे में बताया जाता है। डाइट चार्ट दिया जाता है। क्या खाना है क्या पीना है। विस्तार से सब कुछ बताया जाता है। सेमिनार के दौरान ईश्वरप्रीत कौर ने महिलाओं पर आजमाए गए मल्टी थैरेपी के कुछ परिणाम भी पेश किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
तनावग्रस्त लड़की
उन्होंने बताया कि उनके पास 12 महिलाएं ऐसी थी, जो गर्भधारण नहीं कर पा रही थी। उनमें से तीन ने नेचुरल गर्भधारण किया। 25 महिलाओं के नियमित पीरियड शुरू हो गए। चार से 14 किलो वजन भी कम हुआ है। कई महिलाओं का पीसीओएस कंट्रोल हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें