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देखिए, महिलाओं पर पुलिस की बर्बरता बयां करतीं तस्वीरें

Fri, 08 May 2015 08:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
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वेतन और अनुबंध बढ़वाने की मांग कर रहीं महिला लैब सहायकों समेत अन्य प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने 15 मिनट तक पानी की तेज बौछारें छोड़ी। पुलिस की बर्बरता उजागर करने वाली ये तस्वीरें करनाल यानि मुख्यमंत्री खट्टर के जिले की है। ये बर्बरता तब दिखाई गई जब अपने रोजगार को बचाने व वेतन की मांग के लिए पहुंचे प्रदर्शनकारियों में गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं।
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बीते 20 माह से वेतन न मिलने और शिक्षा विभाग द्वारा 30 अप्रैल को खत्म किए गए अनुबंध को बढ़वाने सहित 3 सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम सिटी में प्रदेशभर से पहुंचे लैब सहायकों ने 5 घंटे जमकर बवाल काटा। इस दौरान जिलेभर की पुलिस के पसीने छूटे रहे और मेडिकल रोड पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब एक घंटा तनातनी रही।
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सीएम कैंप कार्यालय पर ताला जड़ने के लिए प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल रोड पर लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ना चाहा, तो करीब 15 मिनट तक पुलिस ने फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से पानी की बौछारें छोड़ी, लेकिन प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए। फोम युक्त पानी छोड़े जाने से दो प्रदर्शनकारियों की हालत बिगड़ गई, बाद में उन्हें सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया।

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फोम युक्त पानी की बौछारों से घटनास्थल पर दो लैब सहायकों की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में पुलिस ने एंबुलेंस बुलाई और दोनों को कल्पना चावला मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने वालों में पलवल जिले के गांव अबलपुर निवासी बोबिन और जींद के गांव जुलाना से देवेंद्र शामिल हैं। इन्हें मौके पर सांस लेने और उल्टी लगने की शिकायत हुई थी। हालांकि, करीब 1 घंटे के उपचार के बाद दोनों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

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प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने तब तक पानी की बौछारें जारी रखी, जब तक गाड़ी का पानी खत्म नहीं हुआ। शिक्षा मंत्री द्वारा मिलने का समय देने के बाद पांच घंटे के बाद लैब सहायक सड़क से हटे। प्रदेशभर से पहुंचे कंम्यूटर लैब सहायक सीएम कैंप आफिस को ताला लगाने के लिए सिविल अस्पताल रोड से आगे बढ़े, लेकिन पुलिस लाइन के पास ही पुलिस ने बेरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक लिया।

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दोपहर करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन की ओर से लैब सहायकों के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया। उधर, इससे दिनभर सिविल अस्पताल रोड जाम रहा। करीब 45 मिनट चली बातचीत के बाद शुक्रवार शाम 6 बजे चंडीगढ़ लघु सचिवालय में शिक्षा मंत्री से बातचीत होने की बात पर साढ़े चार बजे सहमति बन गई। इसके बाद ही प्रदर्शन को शुक्रवार तक टाल दिया गया।

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प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र प्यौंत, महासचिव अजैब, उप महासचिव सुनील राणा, कार्यकारिणी सदस्य सुषमा रोहतक व कविता शामिल रहे। शुक्रवार को प्रदेशाध्यक्ष की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से मिलेगा।  प्रदर्शनकारियों के बुलंद हौसलों और करीब 45 मिनट एडीसी गिरिश अरोड़ा के साथ चली बातचीत के विफल होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारियों के लिए रोडवेज की 7 बसों को बुलाया गया था।

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