4 अंधे और जुल्म ढहाता सरदार। इस थीम पर आगे बढ़ता है नाटक। पूरी कहानी देखिए तस्वीरों में।
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4 अंधे और जुल्म ढहाता सरदार, देखिए तस्वीरें
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इंपेक्ट आर्ट द्वारा प्रस्तुत किए गए नाटक ‘आन्हे-कांणें’ के माध्यम से समाज का अंधापन दिखाया गया है। नाटक में लाइट्स पर काफी प्रयोग किए गए हैं। सरदार की क्रूरता भरा चेहरा दिखाने के लिए ब्लू लाइट्स का प्रयोग किया गया है। इस नाटक में खोजी के डायलाग्स बेहतरीन रहे और सरदार की डायलॉग डिलीवरी ने सबका दिल जीत लिया।
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इस नाटक की शुरुआत होती है एक गीत से। उसके बाद दिखाई देते हैं चार अंधे और उनके ऊपर जुल्म ढाता सरदार। इन अंधों में सबसे समझदार है नारायणा। नारायणा हरेक बात को समझता है और अपने साथियों को समझाता रहता है। उसके तीन अन्य साथी सुरैयणा, महेणा और कर्मा जुल्म सहते हैं।
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एक दिन नारायणा की बात मानते हुए चारों अपने चश्में हटाकर धूप की ओर देखते हैं। सरदार उनको देख लेता है और चिल्लाने के साथ उनको पीटने लगता है। इस बीच इन चारों के बीच एक खोजी आ जाता है। जो उनसे कहता है कि हजारों सालों से बंद आंखें खोलने के लिए दुख तो सहने ही होंगे।
धीरे-धीरे खोजी उन्हें प्रेरित करते लगता है। खोजी की प्रेरणा से अंधों में इतनी ऊर्जा आ जाती है कि अंत में जब सरकार उनको मारने चलता है तो वह सरदार का बेंत छीन कर उसको धुन डालते हैं।