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मौत की फैक्ट्रीः लोगों ने बताई हादसे की आंखों देखी कहानी, मंजर देख फफक कर रो पड़ी महिला

Thu, 05 Sep 2019 02:08 AM IST
ajay kumar मनन सैनी, अमर उजाला, गुरदासपुर/बटाला (पंजाब)
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बटाला में फैक्ट्री में धमाका - फोटो : अमर उजाला
बटाला के गुरु रामदास कॉलोनी में चार बजे का समय विनाश काल बनकर आया। फैक्ट्री में धमाके के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वहां चीख-पुकार मच गई। वहां का खौफनाक मंजर देखकर लोगों का दिल दहल गया। बचाव कार्य में लगे लोगों के कपड़े खून से लाल हो गए। आगे देखिए तस्वीरों में घटनाक्रम...

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- फोटो : अमर उजाला
एक महिला मौके पर पहुंची तो वहां का दृश्य देख चीखें मारकर रोने लगी क्योंकि उसका बेटा इस कॉलोनी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। लेकिन इसी दौरान बेटे रमन का फोन आ गया कि वह किसी दूसरे मोहल्ले में चला गया। बेटे की आवाज सुनकर मां की जान में जान आई। घटनास्थल पर मौजूद एएसआई राकेश कुमार ने बताया कि पटाखा फैक्ट्री के पास एक कार गैराज है। वह और उसका बेटा अपनी कार की मरम्मत करवाने पहुंचे थे। कार की मरम्मत का थोड़ा काम बाकी रह गया था।
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राहत एवं बचाव कार्य की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
तभी उसके बेटे ने कहा कि गर्मी बहुत है, फिर किसी और दिन आ जाएंगे। जैसे ही वे कार लेकर अपने घर को रवाना हुए तो फैक्ट्री में ब्लास्ट हो गया। राकेश कुमार ने बताया कि किस्मत ने हम बाप-बेटे को मौत के मुंह से बचा लिया। धमाका होने के बाद कॉलोनी के लोग अपने-अपने पारिवारिक सदस्यों से फोन पर उनका हालचाल पूछते नजर आए। ब्लास्ट से करीब दस घरों को क्षति पहुंची है। किसी की दीवार टूट गई तो किसी के घर के शीशे टूट गए। लेकिन उनके यहां कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। वहीं, प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है कि लंबे समय से रिहायशी इलाके में चल रही इस पटाखा फैक्ट्री की तरफ कोई ध्यान क्यों नहीं दिया गया। 

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आस-पास के मकान भी हुए क्षतिग्रस्त - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन ने छह मौतों के बाद भी नही लिया कोई सबक
बटाला में पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके ने फज्जूपुर हादसे की याद ताजा कर दी। इस हादसे में छह लोगों की मौत हुई थी। लोगों का कहना है कि यह हादसा जिला प्रशासन की लापरवाही का सबूत है। जिला प्रशासन ने छह लोगों की मौत के बाद भी कोई सबक नहीं लिया। उल्लेखनीय है कि 8 जनवरी 2011 को गांव फज्जूपुर में भी ऐसा ही एक धमका हुआ था। 
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खौफनाक पूरा मंजर - फोटो : अमर उजाला
यहां पटाखा बनाने वाले सप्लायर बलविंदर सिंह के घर पड़े बारुद के एक बड़े ढेर में आग लग गई थी। इस खौफनाक हादसे में कुल 6 लोगों की मौत हो गई और 14-15 के करीब लोग घायल हो गए। मृतकों में पटाखा बनाने वाला कारीगर उसकी पत्नी व पड़ोस के एक ही परिवार के चार सदस्य थे। धमाका इतना जबरदस्त था कि उस मोहल्ले के करीब पांच-छह मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए थे। मकानों का मलबा करीब 500 मीटर दूर जा कर गिरा।
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अस्पताल में भर्ती घायल - फोटो : अमर उजाला
इस धमाके से मोहल्ले में बने अन्य करीब 25-30 घरों को भी नुकसान पहुंचा और कई छत गिर गई थी। धमाके की गूंज 6 किलोमीटर तक सुनाई दी थी। हादसे से पहले भी आस पड़ोस के लोगों ने कई बार पुलिस और जिला प्रशासन के अफसरों को अवैध पटाखा फैक्ट्री संबंधी अवगत करवाया था कि बलविंदर सिंह अवैध रुप से इस घने इलाके में पटाखों में इस्तेमाल होने वाला बारूद रखता था, जिसे बंद करवाया जाए। किसी ने भी इस संबंधी कोई कदम नही उठाया। अब दोबारा जिला प्रशासन की लापरवाही सामने आई है।
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