शहीद की मां नसीमा बेगम रोते हुए बस बार-बार यही कह रही थीं कि मेरे सिम्मा को ला दो, मेरा सिम्मा को ला दो। नसीमा बेटे को याद करते व बिलखते हुए बार-बार बेहोश हो रही थीं। उन्होंने बताया कि परसों ही सलीम का फोन आया था। उसने सारे परिवार का हालचाल जाना और वादा किया कि जैसे ही भारत-चीन सरहद पर हालात सामान्य होंगे तो वह छुट्टी पर घर आएगा। मां ने बताया कि तीन महीने पहले जब वह छुट्टी पर घर आया था तो कहा था कि मां तुझे अब जिंदगी में हर सुख दूंगा, ताकि पिता की कमी महसूस न हो।