पठानकोट एयरबेस अटैक से दो दिन पहले 30 दिसंबर को ही एनएसजी ने पठानकोट में संभाल लिया था मोर्चा। इसकी वजह से बड़ा नुकसान होने से बच गया। तस्वीरों में पूरी खबर। रिपोर्ट: सुरजीत सिंह सत्ती, चंडीगढ़
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आतंकी हमले से 2 दिन पहले एनएसजी ने संभाल लिया था मोर्चा
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पठानकोट एयरबेस अटैक से दो दिन पहले 30 दिसंबर को ही एनएसजी पठानकोट पहुंच गई थी। खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार एनएसजी यदि समय रहते पठानकोट एयरबेस पर मोर्चा नहीं संभाल लेती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। गनीमत रही कि आतंकी हमले की खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद पाकिस्तान सीमा से सटे सभी आर्मी और बीएसएफ कैंपों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
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आतंकी हमले से 2 दिन पहले एनएसजी ने संभाल लिया था मोर्चा
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पठानकोट हमले के बाद हरकत में आई खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक पहले से ही आतंकी हमले की आशंका जताई जा चुकी थी। खुफिया एजेंसियों की चेतावनी था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई जैश-ए-मोहम्मद पर लगातार भारत में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने का दबाव बनाए हुए हैं, और ऐसी स्थिति में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
आतंकी हमले से 2 दिन पहले एनएसजी ने संभाल लिया था मोर्चा
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अमूमन नव वर्ष व त्योहारों के मौके पर आतंकी गतिविधियां बढ़ने की आशंका रहती है। और इस बार भी नववर्ष पर आतंकी हमले को लेकर अलर्ट था। इसी वजह से एनएसजी ने एहतियातन पठानकोट में मोर्चा संभाल लिया। यह एहतियात उस स्थिति में और भी कारगर साबित हुआ जब हमले के बाद आतंकियों की घुसपैठ के तार खुलने शुरू हुए।
आतंकी हमले से 2 दिन पहले एनएसजी ने संभाल लिया था मोर्चा
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सूत्र बताते हैं कि पठानकोट एयरबेस में मार गिराए गए आतंकियों के कब्जे से एनआईए को कुछ सिम कार्ड भी बरामद हुए थे। इनकी काल डिटेल व लोकेशन की जांच के दौरान सामने आया कि आतंकी हमले से तीन दिन पहले ही पठानकोट क्षेत्र में घुस चुके थे और हमले से पहले वहीं सक्रिय रहे।