6 आतंकियों ने दहलाया था पठानकोट, 65 घंटे ऑपरेशन चला और देश ने 7 वीर सपूत खोए। केस अब तक चल रहा है और अब इसमें एक चौंकाने वाला मोड़ आ गया है।
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Pathankot airbase attack
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे हुआ था हमला
पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकी दिसंबर 2015 में पाकिस्तान से भारत की सीमा में घुसे थे। 2 जनवरी, 2016 की सुबह साढ़े तीन बजे आतंकी असलहा और हथियारों से लैस होकर एयरबेस स्टेशन में दाखिल हुए थे। इस हमले में एयरबेस के अंदर सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे, जबकि करीब 37 अन्य लोग घायल हो गए थे। हमला करने आए सभी आतंकी मारे गए थे।
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पठान कोट हमला
- फोटो : PTI
इस मामले की जांच कर रही एनआईए को कई ऐसे प्रमाण मिले थे, जिससे यह बात साफ हो गई थी कि हमला करने वाले सभी आतंकी पाकिस्तान के थे। वहीं, हमले के समय भी आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं व परिवार के संपर्क में थे। इसके अलावा जिस रास्ते से आतंकी आए थे वहां से एनआईए को पाकिस्तान में बने फूड पैकेट, एनर्जी ड्रिंक की खाली बोतलें व अन्य सामान बरामद हुआ था।
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
अब तक केस की जांच एनआईए कर रही थी, पर अब सुनवाई सीबीआई के स्पेशल जज एनएस गिल करेंगे। केंद्र सरकार की तरफ से नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के केस सुनने के लिए उनके नाम को मंजूरी दे दी गई है। इस संबंधी सारी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को उनकी अदालत में ही केस की सुनवाई हुई, एनआईए के वकील पेश हुए।
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पठानकोट एयरबेस
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि कोई गवाह पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अक्तूबर की निश्चित की है। इस दौरान ही मामले के मुख्य गवाह और हथियार पेश किए जाएंगे। उम्मीद है कि इसके बाद केस का ट्रायल तेजी से आगे बढ़ेगा। साथ ही पाकिस्तान और वहां पर बैठे आतंकियों की सारी कहानी दुनिया के सामने आएगी।
पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद उक्त केस की सुनवाई मोहाली में शुरू हुई थी। हालांकि जजों के ट्रांसफर के चक्कर में तीन जज पहले ही बदले जा चुके हैं। अब इस अदालत में यह केस पहुंचा है। केंद्र सरकार की तरफ से सीबीआई के जज को ही केस की सुनवाई करने के अधिकार दे दिए गए हैं। वहीं, उम्मीद जताई जा रही है कि केस अब रफ्तार पकड़ेगा।