कांग्रेस ने प्रदीप छाबड़ा को पार्टी का चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्हें बीबी बहल की जगह शुक्रवार को पार्टी की कमान सौंपी गई। कांग्रेस को चंडीगढ़ में 14 साल, सात महीने बाद नया प्रदेश अध्यक्ष मिला है। बहल मई 2000 में प्रदेश अध्यक्ष बने थे।
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देखिए, 14 साल बाद मिला कांग्रेस को नया अध्यक्ष
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प्रदीप छाबड़ा अब तक वह पार्टी के प्रवक्ता थे, जबकि वर्तमान में नगर निगम में वार्ड नंबर-3 के पार्षद हैं। वह पिछले तीन कार्यकाल से लगातार पार्षद हैं और हाल में ही हुए मेयर चुनाव जिताने में उनकी अहम भूमिका रही है।
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पिछले करीब एक महीने से पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। छाबड़ा समेत पांच नेता अध्यक्ष पद की दौड़ में थे, जिनमें रविंदरपाल सिंह पाली, एचएस लक्की, पवन शर्मा के अलावा पूर्व मेयर सुभाष चावला का भी नाम शामिल था।
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पहले मेयर चुनाव में कांग्रेस की जीत, फिर प्रदीप छाबड़ा के प्रदेश अध्यक्ष बनने से पवन कुमार बंसल का कद और बढ़ गया है। लोकसभा चुनाव में हार के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे बंसल के राजनीतिक करियर का अंत बताया जा रहा था, लेकिन अपने करीबी प्रदीप छाबड़ा को अध्यक्ष बनाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि केंद्र में उनकी पहुंच अब भी बरकरार है।
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प्रदेश अध्यक्ष बनने पर प्रदीप छाबड़ा को न सिर्फ कांग्रेस से, बल्कि भाजपा की तरफ से भी बधाइयों के फोन आए। भाजपा के कई नेता और पार्षदों ने भी उन्हें बधाई दी।
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने प्रदीप छाबड़ा 29 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने अपना करियर छात्र नेता से शुरू किया था।
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साल 1986 में नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया के चंडीगढ़ प्रदेश के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट बने और 1991 तक इसी पद पर काबिज रहे। इसके बाद कांग्रेस में विभिन्न पदों पर रहे और अब उन्हें पार्टी का अहम पद दिया गया है।
पिछले साल लोकसभा चुनाव में हार के बाद कई नेता पवन कुमार बंसल से कन्नी काट गए थे, लेकिन प्रदीप छाबड़ा हमेशा उनके संपर्क में रहे। मेयर चुनाव जिताने में भी छाबड़ा की अहम भूमिका रही। इससे पहले हुए चुनावों में भी वह बंसल को जिताने के लिए सक्रिय रहे हैं।