जब कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो तमाम बाधाएं बौनी साबित होती हैं। इस बात की जीती जागती मिसाल ये नौजवान, जो व्हील चेयर पर होने के बाद भी गोल्ड ले कर आया।
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sanjeev kumar
चंडीगढ़ के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी संजीव कुमार के मामले में यही हुआ। यूगांडा में आयोजित बीडब्ल्यूएफ पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल चैंपियनशिप में घिसे टायरों वाली व्हील चेयर का टायर ब्लाक हो गया और उसे ठीक करने में उनके हाथ में कील घुस गई। हाथ के लहूलुहान हो जाने के बावजूद हौसला नहीं हारा और देश के लिए गोल्ड मेडल जीत लिया।
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पंजाब यूुनिवर्सिटी में बैडमिंटन की ट्रेनिंग ले रहे संजीव कुमार मूल रूप से पंजाब के अबोहर के रहने वाले हैं। उन्होंने पिछले दिनों यूगा़ंडा में आयोजित बीडब्ल्यूएफ पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व किया। इस टूर्नामेंट नौ देशाें के खिलाड़ियाें ने हिस्सा लिया। फाइनल में गोल्ड जीतने के लिए संजीव का काफी मशक्कत करनी पड़ी। लेकिन गोल्ड जीतना उनके लिए आसान नही था।
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टूर्नामेंट में वे घिसे हुए टायरों वाली व्हील चेयर केसाथ कोर्ट पर उतरे। फाइनल मैच में अचानक उनकी व्हील चेयर के टायर ब्लॅाक हो गया। उस समय वह पहला सेट 15- 6 से पीछे थे। ब्लॉक टायर को ठीक करते समय उनके हाथ में लोहे की कील घुस गई । उनके हाथ से खून निकलने लगा। लेकिन संजीव ने हिम्मत नहीं हारी और कोर्ट पर जमे रहे। लहूलुहान हाथ से ही वे ख्ेालते रहे। उन्होंने न सिर्फ मैच में वापसी की बल्कि पहला सेट 21-10 और दूसरा सेट 21-12 से जीतकर गोल्ड मेडल जीता।
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संजीव सवाल उठाते हैं कि जब खिलाड़ियों को सरकारें सुविधा मुहैया नहीं कराएंगी, मदद नहीं करेंगी तो कैसे कोई अच्छा प्रदर्शन करेगा, मेडल जीतेगा। संजीव कुमार ने बताया कि वह गरीब परिवार से आते हैं। उनके घर की आर्थिक हालत ऐसी नहीं है कि वह व्हील चेयर खरीद सकें। एक दोस्त से 2008 में 20 हजार रुपये में पुरानी व्हील चेयर खरीदकर दी। उस पर सवार होकर वह आजतक टूर्नामेंटों में शिरकत करते हैं।
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संजीव ने बताया कि वह इससे पहले भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मेडल देश केलिए जीत चुके हैं। वे बताते हैं कि पिछली पंजाब सरकार से उन्होंने नौकरी और अन्य मदद की गुहार लगाई थी। लेकिन किसी तरह की मदद नहीं मिली। संजीव ने बताया कि जन्म के 10 माह बाद ही पोलियो हो गया था जिस कराण दाहिना पांव खराब हो गया था।
संजीव ने 2009 में भारत में वल्ड पैरा गेम्स में बैडमिंटन में सिल्वर मेडल जीता। 2010 में इस्राइल में वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप ब्रोंज मेडल जीता। 2012 में फ्रांस मेें वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में सिंगल्स में ब्रोंज मेडल जीत चुके हैं। 2013 में जर्मनी में खेली गई वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रोंज मेडल। नेशनल लेवल पर 18 गोल्ड, 3 सिल्वर,2 ब्रोंज मेडल जीत चुके हैं।