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5 फौजियों की थी जांबाज फैमिली, एक लाल पांपोर में शहीद, बेटा-बेटी को गर्व

Wed, 29 Jun 2016 12:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोपड़(पंजाब)
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पंपोर आतंकी हमले में शहीद जगतार सिंह का प्रोफाइल - फोटो : अमर उजाला
चाचा सूबेदार, ताया फौज में और दो भाई भी डिफेंस में। ऐसी जांबाज फैमिली में जन्में जगतार सिंह श्रीनगर के पंपोर में आतंकी हमले में शहीद हो गए। बेटा-बेटी को पिता की शहादत पर गर्व है।
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पंपोर आतंकी हमले में शहीद जगतार सिंह का प्रोफाइल - फोटो : अमर उजाला
श्रीनगर के पंपोर में आतंकी हमले में शहीद हुए आठ सीआरपीएफ के जवानों में से एक हवलदार जगतार सिंह पंजाब के रोपड़ जिले के गांव बुर्जवाला के थे। जगतार सिंह के दो बच्चे हैं। बेटी जशनप्रीत कौर (16) 11वीं कक्षा और बेटा गुरमनवीर सिंह (9) पांचवीं कक्षा में पढ़ते हैं। बेटी कहती हैं कि पापा 16 जून को घर आए थ। उन्होंने 28 जून को घर आने का वादा किया था, लेकिन वह इस तरह आएंगे, हम नहीं जानते थे। हमें पिता पर गर्व है।
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पंपोर आतंकी हमले में शहीद जगतार सिंह का प्रोफाइल - फोटो : अमर उजाला
शहीद जवान के परिवार में देश की सेवा करने का जज्बा परिवार की पृष्ठभूमि से ही मिला है। जगतार सिंह के चाचा सूबेदार प्रेम सिंह और सरदार सिंह ताया चाचा फौज में सेवा कर चुके हैं। उसके दोनों भाई पवित्र सिंह व निर्मल सिंह भी डिफेंस में सेवा कर रहे हैं। हवलदार जगतार सिंह कबड्‌डी खिलाड़ी थे और वे सीआरपीएफ में ड्राइवर थे और पंपोर में हुए आतंकी हमले का शिकार हुई बस को जगतार सिंह ही चला रहा थे।

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पंपोर आतंकी हमले में शहीद जगतार सिंह का प्रोफाइल - फोटो : अमर उजाला
इलाके में शोक का माहौल है। शहीद की पत्नी हरनीप कौर और मां महिंदर कौर का रो-रो कर बुरा हाल है। शहीद जगतार सिंह की शहादत पर इलाके को गर्व है। निर्मल सिंह ने कहा कि जगतार सिंह दिलेर थे। उन्हें गर्व है वह देश के लिए शहीद हुए। जिला प्रशासन शहीद जवान जगतार के परिवार को सम्मानित करने की बात कर रहा है, पर दुख की इस घड़ी में परिवार को हौसला देने के लिए कोई भी अधिकारी या राजनेता गांव नहीं पहुंचा।
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पंपोर आतंकी हमले में शहीद जगतार सिंह का प्रोफाइल - फोटो : अमर उजाला
शहीद जगतार सिंह के पिता सुदागर सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटे है। जगतार सिंह घर में सबसे छोटा होने के कारण परिवार का लाडला था। उन्होंने बताया बेटे जगतार सिंह ने गांव मीयांपुर के सरकारी स्कूल में दसवीं की पढ़ाई की और वर्ष 1994 में  वह सीआरपीएफ में भर्ती हुए। जगतार सिंह पिछले आठ वर्ष से श्री नगर में तैनात थे। आतंकी हमले का शिकार होने वाली बस को भी जगतार सिंह ही चला रहे थे।
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पंपोर आतंकी हमले में शहीद जगतार सिंह का प्रोफाइल - फोटो : अमर उजाला
शहीद जवान जगतार सिंह की याद में इलाके में यादगार बनाने की मांग उठने लगी है। गांव के सरपंच हरप्रीत सिंह, गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान दलबाग सिंह व गांव वासी शमशेर सिंह ने कहा कि शहीद की याद में यादगार बननी चाहिए। गांव में शहीद की याद में कोई यादगारी गेट बनवा दिया जाए या सड़क का नाम शहीद के नाम पर रख देना चाहिए। अगर शहीद को सम्मान दिया जाए तो नौजवानों में फौज में भर्ती होकर देश के लिए सेवा करने का जज्बा पैदा होगा।
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