भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ रही 'दुश्मनी' के बीच एक ऐसी चीज देश में आई है, जो भारतीयों को बेहद पसंद आई और वो अब हर किसी को चाहिए।
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पाकिस्तानी नींबू
ये कुछ और नहीं, बल्कि पाकिस्तानी नींबू हैं, जिनकी प्रजाति हरियाणा के किसानों की जेबें भर रही है। इसलिए हरियाणवी किसानों को पाकिस्तानी खट्टास भी खूब भा रही है। पाकिस्तान की चीनी जहां हिंदुस्तान के लोगों की चाय की प्याली के साथ जीवन में मिठास घोलती है, वहीं पाकिस्तानी नींबू की प्रजाति यहां के किसानों की जेबें नोटों से भरेगी। हरियाणा के किसानों ने पाकिस्तानी नींबू को आर्थिक सेहत सुदृढ़ करने का जरिया बना लिया है। प्रदेश के अब दर्जनों किसान पाकिस्तानी नींबू की खेती कर रहे हैं।
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पाकिस्तानी नींबू
मगर, इसकी शुरूआत प्रदेश में करनाल जिले के उचाना गांव के प्रगतिशील किसान नरेंद्र चौहान ने की। 2016 में उन्होंने राजस्थान के बीकानेर से लाकर पाकिस्तानी नींबू के 35 पौधे अपने फार्म में लगाए। डेढ़ एकड़ भूमि में वह इसकी खेती कर रहे हैं। दो साल के भीतर ही नींबू के पौधों ने फल देना शुरू कर दिया है। एक पेड़ से लगभग चार किलोग्राम नींबू की पैदावार अभी हो रही है। नरेंद्र चौहान बताते हैं कि एक पेड़ से पांच साल बाद अस्सी किलोग्राम नींबू की पैदावार होगी।
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पाकिस्तानी नींबू
मार्केट में पाकिस्तानी नींबू की मांग भी ज्यादा रहती है, चूंकि यह छोटे साइज का होने के साथ ही रसीला भी होता है। रस ज्यादा होने के कारण व्यापारी व ग्राहक इसे हाथोंहाथ उठा लेते हैं। कोल्ड स्टोरेज की अभी जरूरत नहीं पड़ रही। मार्केट से खुद ही बड़े व्यापारी नींबू तैयार होने के समय फार्म में खरीद के लिए पहुंच जाते हैं।
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lemon drink
गर्मियों में 25 से 30 रुपये प्रति किलो मिल रहा दाम
प्रगतिशील किसान नरेंद्र चौहान ने बताया कि भारतीय प्रजाति के निंबुओं और बारामासी किस्मों का दाम गर्मियों के समय मार्केट में 18 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम मिलता है। जबकि, पाकिस्तानी नींबू का दाम 25 से 30 रुपये मिल रहा है। ज्यादा ब्रांडिंग की जरूरत भी नहीं पड़ती। पाकिस्तानी नींबू प्रजाति का नाम सुनते ही आढ़ती खुद संपर्क में आ जाते हैं।
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lemon
450 रुपये में लाए थे एक पौधा, अब खुद 150 में बेच रहे
नरेंद्र ने 2016 में बीकानेर से पाकिस्तानी नींबू का एक पौधा साढ़े चार सौ रुपये में खरीदा था। उन्हें इसकी कीमत बहुत ज्यादा लगी। अपने फार्म में लगाए 35 पौधों पर एक साल बाद अच्छा फल आने से उन्होंने इसकी पौध तैयार करनी भी शुरू कर दी है। वह डेढ़ सौ रुपये में एक पौधा बेचते हैं। अभी तक प्रदेश के किसान उनसे लगभग पांच सौ पौधे खरीद चुके हैं। चौहान कहते हैं कि प्रदेश के किसानों के लिए पाकिस्तानी नींबू की खेती आने वाले दिनों में काफी फायदे का सौदा साबित होगी।
किस्मों को बढ़ावा देने पर विचार कर रही सरकार
हरियाणा बागवानी विभाग नरेंद्र चौहान के नए-नए प्रयोगों से प्रभावित है। इसी सप्ताह विभाग के विशेषज्ञों की टीम ने उनके फार्म का दौरा किया है। पूरी रिपोर्ट कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को सौंपी जाएगी। सरकार उनके फार्म में तैयार हो रहे उत्पादों की किस्मों को बढ़ावा देने पर भविष्य में विचार करेगी।