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भारत-पाक बंटवारे का दर्द... लाशें देखकर पता चला, दंगा हो गया है

Sat, 19 Aug 2017 04:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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Indo Pak Partition
भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय इधर और उधर कैसा माहौल था, पंजाब के सीएम की जुबानी पढ़िए और महसूस कीजिए...
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Captain Amarinder Singh
भारत-पाक बंटवारे पर अमृतसर में बना दुनिया का पहला म्यूजियम देखकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह वीरवार को भावुक हो उठे। बचपन में लौट गए। बताने लगे कि वो शिमला पढ़ते थे, घर (पटियाला) ट्रेन से लौट रहे थे। एक जगह ट्रेन रुकी। 
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Captain Amarinder Singh
उन्होंने देखा कि बाहर कई लोगों की लाशें पड़ी हैं। किसी ने बताया कि भारत-पाक विभाजन के समय दंगा हो गया है जिससे मारकाट शुरू हो गई है। 

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Captain Amarinder Singh
यह देख मेरा मन बहुत दुखी हुआ। आज जब मुझे यहां आने का मौका मिला तभी से मेरे दिमाग में वो घटना घूम रही है। यह कहते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी मां महिंदर कौर को याद करते हुए कहा कि मेरी मां ने कई शरणार्थी लड़कियों को उनके घरों तक पहुंचाया था। 
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Captain Amarinder Singh
कई ऐसे परिवार थे जो भारत से पाक और पाक से भारत नहीं आना चाहते थे, लेकिन दोनों मुल्कों के विभाजन ने उन्हें मजबूर कर दिया। 
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9 महीने में दूसरी बार म्यूजियम का उद्घाटन
म्यूजियम के उद्घाटन के दौरान कैप्टन ने कहा कि इसे जनता के लिए खोल दिया गया है। साथ ही इस म्यूजियम से हम उन दस लाख पंजाबी परिवारों को नमन करते हैं जिन्होंने विभाजन के समय बहुत कुछ खोया है। इस म्यूजियम से भारत-पाक दोनों मुल्कों की बहुत यादें जुड़ी हैं। यही वजह है कि पंजाब सरकार 17 अगस्त को बंटवारा यादगारी दिवस के तौर पर मनाएगी। 
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Captain Amarinder Singh
दीवारों में उकेरा है दर्द, 9423 महिलाएं पाक भेजी थीं : 
दिसंबर 1947 से जुलाई 1948 तक दोनों मुल्कों में अपहरण करके घर में छिपाई गई महिलाओं का सर्च अभियान चला। जिस दौरान भारत में अगवा की गई 9423 औरतों को पाक भेजा गया और पाक में अगवा की गई 5510 महिलाओं को भारत लाया गया।
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Indo Pak Partition
यह वे महिलाएं थीं जिन्हें बंटवारे के समय दंगे में या तो शरण दे दी गई थी या फिर अगवा कर लिया गया था। ये आंकड़े म्यूजियम के दीवारों पर उकेरे गए हैं। 
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