देश के वीर सपूत को शत-शत नमन, जो दुनिया को अलविदा कहने के बाद भी चार लोगों की जान बचा गए। सड़क हादसे में घायल हो गए थे, डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था।
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Organ Donation
- फोटो : Social Media
अंबाला के रहने वाले 60 साल के सेना से रिटायर्ड मंजीत कुमार की बदौलत पीजीआई में 4 लोगों की जान बच पाई है। 23 फरवरी को एक सड़क हादसे में घायल होने के बाद उनको पीजीआई में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। 25 फरवरी को डाक्टरों ने उनको ब्रेन डेड घोषित कर दिया। कोआर्डिनेटर से कंसल्ट करने के बाद परिवार ने उनके ऑर्गन डोनेट करने का फैसला लिया।
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अंगदान
सभी कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद रिटायर्ड कैप्टन मंजीत कुमार की किडनी दो मरीजों को और कॉर्निया दो अन्य मरीजों को ट्रांसप्लांट की गई। गुरमीत कौर ने अपने पति कैप्टन मंजीत कुमार के ऑर्गन डोनेट करने के बाद कहा कि वह हमेशा दूसरे की मदद करते रहे, इससे उन्हें बहुत खुशी मिलती थी। उनकी इसी खुशी को देखते हुए ही मैंने यह फैसला लिया।
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5 दिन में दो मरीजों के ऑर्गन किए ट्रांसप्लांट
पीजीआई में पिछले 5 दिन में 2 ब्रेन डेड मरीजों के ऑर्गन जरूरतमंद मरीजों को ट्रांसप्लांट किए हैं। मंजीत के साथ ही लुधियाना के समराला के रहने वाले 37 साल के विरेंद्र कुमार के ऑर्गन 4 मरीजों को ट्रांसप्लांट किए गए हैं। विरेंद्र 17 फरवरी को हादसे में घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें पीजीआई लाया गया था। उन्हें भी ब्रेन डेड घोषित किया गया था।
परिवारों के लिए मुश्किल होता है फैसला लेना: कौशल
पीजीआई में डॉक्टर विपिन कौशल ने बताया कि इस साल में अब तक 8 ब्रेन डेड मरीजों के ऑर्गन जरूररंमद लोगों को ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। जनवरी में जहां 5 मरीजों के ऑर्गन ट्रांसप्लांट किए गए, वहीं फरवरी में अब तक 3 ब्रेन डेड मरीजों के ऑर्गन डोनेट हुए हैं। दोनों ही परिवारों ने मुशिकल वक्त में बहुत बड़ा फैसला लिया है। उनका हम आभार व्यक्त करते हैं।