फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटबंदी से दुखी व्यापारियों को नया तोहफा, ये हैं फायदे, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन?

Sun, 01 Jan 2017 10:02 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 7
ऑनलाइन
नोटबंदी के बाद से दुखी व्यापारियों को मोदी सरकार ने GST का तोहफा दिया है, जिसके लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। देखिए, पूरी प्रक्रिया।
विज्ञापन

2 of 7
gst
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष कर है। जीएसटी के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान टैक्स लगाया जाता है, जहां जीएसटी लागू नहीं है, वहां वस्तुओं और सेवाओं पर अलग-अलग टैक्स लगाए जाते हैं। जीएसटी लागू होने पर सबसे ज्यादा फायदा आम आदमी को है, क्योंकि पूरे देश में एक समान दरें लागू होंगी।
विज्ञापन

3 of 7
gst
कंपनियों का झंझट और खर्च भी कम होगा। व्यापारियों को सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। अलग-अलग टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा तो सामान बनाने की लागत घटेगी, इससे सामान सस्ता होने की उम्मीद भी है। आम जनता जो अभी सामान खरीदते वक्त उस पर 30-35% टैक्स के रूप में चुकाते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद ये टैक्स घटकर 20-25% रहने की उम्मीद है तो इसका सबसे बड़ा फायदा आम जनता को ही मिलेगा।

4 of 7
GST BILL
जीएसटी के लागू होने के बाद टैक्स चोरी रुक जायेगी। इसका सीधा असर देश की जीडीपी पर पड़ेगा। फिलहाल भारत देश में 20 तरह के टैक्स लगते हैं और जीएसटी आने के बाद सब टैक्स हटकर एक टैक्स लागू होगा, वो है जीएसटी। सभी उद्योगपति-व्यापारी जीएसटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ऐसे रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
विज्ञापन

5 of 7
जीएसटी ‌‌ब‌िल
इसके लिए जीएसटी पोर्टल पर जाना होगा, जहां अपना नाम, कारोबार समेत जरूरी दस्तावेज अटैच कर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। जरूरी जानकारी दर्ज कराने के बाद चार दिन में रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। इसकी सूचना एसएमएस, ई-मेल से व्यापारी को मिल जाएगी। व्यापारी 31 दिसंबर तक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके बाद 1 अप्रैल, 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद नए कानून के तहत कर व्यवस्था चलेगी।
विज्ञापन

6 of 7
जीएसटी
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
-राज्य या केंद्र सरकार का पहचान पत्र
-ई-मेल एड्रेस, मोबाइल नंबर, बैंक एकाउंट नंबर, बैंक आईएफएससी नंबर
-पासबुक की कॉपी, एकाउंट होल्डर का नाम, बैंक का स्टेटमेंट,
-मालिक, प्रमोटर या पार्टनर का फोटोग्राफ
-फर्म की ओर से अथराइज्ड सिग्नेचर की कॉपी
-व्यवसाय होने का प्रमाण
-पार्टनरशिप फर्म की स्थिति में-  पार्टनरशिप डीड की कॉपी
-अन्य की स्थिति में - व्यापार पंजीकरण प्रमाण पत्र
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
online
उपभोक्ता प्रधान राज्य केंद्र से मांग कर रहे हैं कि 1.5 करोड़ के सालाना से कम टर्नओवर वाले व्यापारियों के असेसमेंट की शक्ति राज्य के विभाग को दी जाए। इस संबंध में पिछली बैठकों में भी चर्चा हुई थी, लेकिन ठोस फैसला नहीं हो सका। हालांकि, 22 और 23 दिसंबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर निर्णय हो सकता है। 16 से 31 दिसंबर तक हिमाचल प्रदेश के अलावा यूपी, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड राज्यों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चलेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें