11वीं कक्षा के विद्यार्थी जसप्रीत सिंह कालरा, इसे बच्चे रबड़मैन के तौर पर भी जानते हैं। इसका शरीर इतना लचीला है, आप देखेंगे तो दंग रह जाएंगे। देखिए, यहां। -रिपोर्ट: अमित कुमार।
विज्ञापन
OMG: ये इंसान है या 'भूत', चारों तरफ घूमती है गर्दन
2 of 6
लुधियाना के बीसीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 11वीं कक्षा का विद्यार्थी जसप्रीत सिंह कालरा 180 डिग्री तक गर्दन और कमर व 360 डिग्री पर हाथ घुमा लेता है। जसप्रीत बताते हैं कि जब वे 7वीं कक्षा में थे तो क्लास लगाने से बचने के लिए दोस्तों के साथ स्कूल में लगाई गई योग क्लास में पहुंच गए। क्लास में मुझे और मेरे दोस्त को चुन लिया।
विज्ञापन
OMG: ये इंसान है या 'भूत', चारों तरफ घूमती है गर्दन
3 of 6
दोस्त तो बस एक दिन ही गया, लेकिन मैंने रोजाना जाना जारी रखा। 10 कक्षा तक बस मौज मस्ती में ही योग करता। सॉफ्टबॉल, हैंडबॉल और योग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेता। इनमें डिस्ट्रिक्ट और स्टेट लेवल पर भी खेला। एक दिन टीचर्स ने किसी एक खेल को चुनने के लिए कहा, जिसमें मैं अपना कैरियर बना सकूं। खूब सोचा लेकिन योग के अलावा किसी का स्कोप नजर नहीं आया। इसलिए योग को चुना।
OMG: ये इंसान है या 'भूत', चारों तरफ घूमती है गर्दन
4 of 6
योग को प्रोफेशनल तरीके से करने की शुरुआत उन्होंने पिछले साल से ही की। जसप्रीत का लक्ष्य वर्ल्ड का मोस्ट फ्लेक्सिबल मैन बनने और लिम्का और गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराने का है। जसप्रीत बताते हैं कि इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज करवाने के लिए दो बार रिजेक्ट हुआ, फिर भी हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार रबड़ मैन के तौर पर नाम दर्ज कराकर ही दम लिया।
विज्ञापन
OMG: ये इंसान है या 'भूत', चारों तरफ घूमती है गर्दन
5 of 6
इसके अलावा असिस्ट वर्ल्ड रिकार्ड में डेढ़ महीने पहले ही ग्रेटर फ्लेक्सिबल मैन इन वर्ल्ड के तौर पर नाम दर्ज करवाया है। 19 मई 2015 को यू्निक वर्ल्ड रिकार्ड में वर्ल्ड यंगेस्ट फ्लेक्सिबल ब्वाय के तौर पर नाम दर्ज करवाया है। जसप्रीत ने बताया कि जून 2014 में उन्होंने योग की प्रेक्टिस गंभीरता से करनी शुरू की। इसमें उनके ट्यूशन के सर अशोक, विपुल और योग टीचर संदीप मैडम ने उनकी सहायता की।
OMG: ये इंसान है या 'भूत', चारों तरफ घूमती है गर्दन
6 of 6
31 मई को तक जापान से कुछ लोग जसप्रीत पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के लिए लुधियाना आए थे। फिल्म बनाने से पहले जसप्रीत का मेडिकल चेकअप करवाया गया, ताकि पता चल सके कि बॉडी में कोई प्रॉब्लम तो नहीं है। डॉक्टर की रिपोर्ट ओके आई। अब यह डाक्यूमेंट्री फिल्म जापान के चैनल एनएचआर चैनल पर चलाई जाएगी।