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अभी खत्म नहीं हुई 500/1000 के पुराने नोटों की टेंशन, नई जानकारी आई सामने...अलर्ट रहें

Wed, 30 Jan 2019 09:15 AM IST
खुशबू गोयल अवधेश शुक्ला, अमर उजाला, पंचकूला
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असली और नकली नोटों की पहचान
500 और 1000 के पुराने नोटों को लेकर एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसे पढ़कर सभी के होश ही उड़ जाएंगे। सावधान रहें, कहीं आप भी न इनके जाल में फंस जाएं।
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old currency - फोटो : amar ujala
एक्सजेंच करंसी का जाल पंजाब से लेकर नेपाल तक फैला है। सबसे ज्यादा ओल्ड इंडियन करंसी नेपाल में खपाई जा रही है। क्योंकि वहां पर अभी भी पुरानी भारतीय करंसी चलन में है। इस अवैध कारोबार को अंजाम देने वाले गिरोह के सदस्यों ने पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए अब नया रास्ता अख्तियार कर लिया है। जो करंसी को पठानकोट के रास्ते शिमला न ले जाकर हरियाणा-हिमाचल के रास्ते नेपाल पहुंचा रहे हैं। इसके पीछे एक ही कारण है। इस मार्ग पर पुलिस की सख्ती कम होना। करंसी एक्सचेंज गिरोह के आका पंजाब के जालंधर और लुधियाना में बैठे हैं, जो इस कारोबार को धड़ल्ले से अंजाम दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सवा साल पहले प्रतिबंधित होने के बाद भी 500 और 1000 के पुराने नोट कहां से आ रहे हैं और कहां ले जाए जा रहे हैं और क्यों? अभी तक जांच एजेंसियां इनका स्रोत और गंतव्य कुछ भी पता नहीं लगा पाई हैं। दरअसल, नेपाल ही एकमात्र ऐसा देश है जहां भारतीय करेंसी को अभी भी मान्यता मिली हुई है।
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Old currency
नशे के खिलाफ सख्ती से बढ़ा करंसी एक्सचेंज का कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया है कि पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ सख्ती के बाद गिरोह के सदस्यों ने अब करंसी एक्सचेंज की तरफ रुख कर लिया है। गिरोह के सदस्यों को इस धंधे में बिना किसी लागत के मोटी कमाई होती है। जबकि नशे के कारोबार में उन्हें पहले पैसा लगाना पड़ता था। सूत्रों की मानें तो पुरानी करंसी को नई में बदलने के लिए गिरोह के सदस्य मोटी रकम का ऑफर करते हैं। इतना ही नहीं वह यह भी वादा करते हैं कि पकड़े जाने पर वह नोट मालिक का खुलासा कभी नहीं करेंगे। पुलिस जांच में अभी तक सामने आया है कि जालंधर और लुधियाना में इस गिरोह के सरगना बैठे हैं। वह एक करोड़ रुपये की पुरानी करंसी के बदले संबंधित व्यक्ति को 15 लाख की न्यू करंसी देते हैं।

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बढ़ेगी तनख्वाह - फोटो : Getty
करंसी कारोबार में काम कर रही है पूरी चेन
करंसी कारोबार में कुछ चुनिंदा व्यक्ति शामिल नहीं हैं, बल्कि पंजाब से लेकर हरियाणा और हिमाचल तक पूरी चेन बनी हुई है। इस चेन के अंतर्गत शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय है। यदि जालंधर में बैठे सरगना का कारिंदा करंसी को लेकर निकलता है तो वह लुधियाना या फिर हरियाणा तक लेकर आएगा। इसके बाद हरियाणा का व्यक्ति उक्त करंसी को शिमला पहुंचाएगा और शिमला में रहने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी नेपाल बॉर्डर तक पहुंचाने की होती है। इसी तरह जब करंसी चेंज हो जाती है तो वापस आती है। हर व्यक्ति को तय रकम के अनुसार नई करंसी मुहैया करवा दी जाती है।
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पुराने नोट - फोटो : SELF
जालंधर के युवक से मिले थे 30 लाख रुपये
पुलिस ने करीब दो माह पहले राजपुरा-अंबाला रोड पर नाके के दौरान बस में सवार एक व्यक्ति से 30 लाख रुपये की नकदी बरामद की थी। बरामद नकदी संबंधित व्यक्ति कोई दस्तावेज पुलिस को नहीं दिखा पाया था। इस कारण पुलिस ने मौके पर ही इनकम टैक्स के इंवेस्टीगेशन टीम को बुलाकर रुपये उनके सुपुर्द कर दिए थे। इतनी बड़ी रकम को जालंधर निवासी अमरजीत सिंह दिल्ली से लेकर जा रहा था। पुलिस ने बस चेकिंग के दौरान जब बैग को चेक किया तो दो-दो हजार के 30 लाख रुपये बरामद हुए थे।

दो युवकों से बरामद हुए 72 लाख
पिंजौर पुलिस ने 26 जनवरी की रात में लुधियाना और करनाल निवासी दोनों युवकों से 72 लाख रुपये की पुरानी करंसी बरामद की थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सोमवार को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
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पुराने नोट - फोटो : SELF
कब-कब पकड़ी गई करंसी
6 जून 2018: गाजियाबाद पुलिस ने एक करोड़ रुपये की पुरानी करंसी पकड़ी थी
3 मार्च 2018 : गुड़गांव पुलिस ने पचास लाख रुपये के पुराने नोट बरामद किए
17 जनवरी 2018 : कानपुर में 97.7 करोड़ रुपये की पुरानी करंसी पकड़ी गई
9 दिसंबर 2017 : गुजरात के भरुच में 50 करोड़ रुपये की पुरानी करंसी बरामद
7 नवंबर 2017 : दिल्ली पुलिस ने चार वाहनों से 36 करोड़ रुपये की पुरानी करंसी पकड़ी
28 जनवरी 2011: ऊना पुलिस ने मैहतपुर बैरियर पर एक स्कॉर्पियो से एक करोड़ रुपये की नकदी बरामद की थी
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पुराने नोट - फोटो : self
ये जिले हैं गेट वे ऑफ नेपाल
भारत के पांच राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम नेपाल की 730 किलोमीटर की सीमा को छूते हैं। सबसे अधिक संवेदनशील जिले बिहार के सीतामढ़ी, किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण हैं। तस्करी के लिए ये सभी जिले गेट वे ऑफ नेपाल कहे जाते हैं।

नेपाल में स्टॉल लगाकर बदले जाते हैं नोट
नेपाल के काठमांडू, बीरगंज, पोखरा लेखनाथ, भरतपुर, विराट नगर और ललितपुर बडे़ शहर हैं। जहां यह धंधा खूब चल रहा है। नेपाल के कस्बाई शहरों में तो कई स्थानों पर स्टॉल लगाकर नोट बदले जाते रहे हैं। 
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पुरानी करेंसी
हजार के नोट के बदले मिलते हैं सिर्फ 100 रुपये
नेपाल में यह खेल 90 फीसदी कमीशन पर चल रहा है। यानी एक हजार के नोट के बदले केवल सौ रुपये ही दिए जा रहे हैं। रुपये नेपाली करेंसी में दिए जाते हैं जिसके बदले लोग सामान या सोना खरीद कर भारत ला रहे हैं। वहीं, कुछ लोग नोटों के बदले पांच से 10 फीसदी लेकर कैसीनो में खर्च कर देते हैं।

72 लाख ओल्ड करंसी के साथ पकड़े गए आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। वह बहुत जल्द खुलासा करेंगे कि आरोपी ओल्ड करंसी को कहां और किस लिए लेकर जा रहे थे। इसके साथ ही पुलिस रिमांड के दौरान यह भी पता लगाने में जुटी है कि उनके गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और वे कहां के रहने वाले हैं।
- कमलदीप गोयल, डीसीपी पंचकूला।
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