नगर निगम ने शहरवासियों को बड़ी राहत देते हुए हाउस और प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव रद्द कर दिया है। अब शहर में पुरानी दर एक रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से ही टैक्स वसूला जाएगा। प्रशासन ने इसे 20 गुणा बढ़ाने के लिए नगर निगम को आदेश दिए थे। प्रशासन के दबाव के बाद शुक्रवार की बैठक में ये एजेंडा लाया गया था। सभी पार्षदों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
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तस्वीरें: निगम ने दीवाली के बाद दी लोगों को बड़ी राहत
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यदि ये प्रस्ताव शहर में लागू हो जाता तो 5 मरला मकान वालों का हाउस टैक्स 125 रुपये से बढ़कर 2152 रुपये हो जाना था। इसी तरह एक कनाल वालों को अभी 500 रुपये की बजाय 10792 रुपये टैक्स चुकाना पड़ता। बैठक के दौरान भाजपा पार्षदों ने हाउस टैक्स लगाने के लिए पूर्व मेयर सुभाष चावला को जिम्मेदार ठहराया। इस पर चावला भाजपा पार्षदों पर भड़क उठे।
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भाजपा पार्षद अरुण सूद ने कहा कि हाउस टैक्स पिछले साल लागू हुआ था जिस समय चावला मेयर थे। चावला जिस दिन मेयर बने तो उन्होंने वायदा किया था कि वे शहर में प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगने देंगे। इसी बात पर चावला और सूद में लंबी बहस हुई।
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पूर्व मेयर सुभाष चावला के अनुसार उनके कार्यकाल में प्रशासन ने 5 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से टैक्स लगाने को कहा था। उन्होंने तो फिर भी 1 रुपये प्रति वर्ग गज टैक्स लगाकर शहर के लोगों को बचाया है। उस समय निगम की फाइनेंशियल कंडीशन ठीक नहीं थी तो टैक्स लगाने की जरूरत भी थी। अब उन्होंने टैक्स बढ़ाने का विरोध इसलिए किया निगम की फाइनेंशियल कंडीशन ठीक है।
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भाजपा पार्षद अरुण सूद के मुताबिक उन्होंने तो हाउस टैक्स लगाने का भी विरोध किया था, लेकिन उस समय मेयर ने उनकी सुनी ही नहीं। अब वे किसी भी कीमत पर टैक्स एक रुपये प्रति वर्ग गज से बढ़ने नहीं देंगे।