चंडीगढ़ में हजारों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। काबू करने के लिए पुलिस को उन्हें बसों में ठूंस-ठूंस कर थाने ले जाना पड़ा। तस्वीरों में पूरा मामला।
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आखिर ऐसा क्या हुआ जो सड़कों पर उतर आईं हजारों महिलाएं?
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आखिर ऐसा क्या हुआ जो सड़कों पर उतर आईं हजारों महिलाएं?
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दरअसल, पंजाब की आंगनवाड़ी वर्कर्स पिछले काफी समय से सरकार से मांग कर रहे हैं कि हरियाणा के तर्ज पर वर्करों को 75 सौ और हेल्पर को 35 सौ रुपया वेतन दिया जाए। प्रमोशन 10 साल से घटाकर तीन साल के भीतर किया जाए। हेल्परों के लिए पेंशन स्कीम लागू किया जाए। इसके अलावा महाराष्ट्र पैटर्न पर एक लाख वर्करों को और 75 हजार हेल्परों को ग्रेच्यूटी दी जाए।
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इन्हीं मांगों को लेकर वर्कर्स ने सीएम आवास को घेरने का ऐलान किया था। इसके लिए वे चंडीगढ़ में इकट्ठी हुईं। हजारों की संख्या में महिलाओं को सड़कों पर देखकर पुलिस वालों के होश उड़ गए।
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जैसे ही आंगनवाड़ी वर्कर्स मोहाल बॉर्डर पर पहुंची, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बैरीकेड लगा दिए। लेकिन वर्कर्स इतनी आक्रोशित थीं कि वे बैरीकेड तोड़कर आगे बढ़ गईं।
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पुलिस ने उन्हें रोकते हुए समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मानी नहीं। मामला काबू में न आते देखकर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 388 आंगनवाड़ी वर्कर्स ने गिरफ्तारी थी। पुलिस ने कानून की उल्लंघन करने पर इनके खिलाफ मामला दर्ज किया। हालांकि बाद में चेतावनी देकर उन्हें छोड़ भी दिया गया।