मॉक ड्रिल
साथ ही हर उस प्रयास को कार्रवाई में तब्दील किया, जो आतंकियों की असल घुसपैठ पर दोहराई जा सके। एनएसजी के कमांडो ने कार्रवाई के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर में दाखिल नहीं होने दिया। केवल कमांडो दस्ता, पुलिस की गाड़ियां और अन्य सुरक्षा बल तैनात रहा।